फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में बढ़ा वायरल फीवर का प्रकोप

विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में वीरवार को पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगे मरीज। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
बदलते मौसम मे साथ ही वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अकेले नागरिक अस्पताल में ही रोजाना 500 से ज्यादा वायरल फीवर पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार इस बार डेंगू-मलेरिया की बजाय इस बार वायरल बुखार से पीड़ित लोगों के ज्यादा केस आ रहे हैं।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि बारिश के बाद सितंबर व अक्टूबर माह में हर साल मच्छर जनित बीमारियों के फैलने की आशंका रहती है। पिछले साल जिले में डेंगू के 180 से अधिक मरीज पाए गए थे। जबकि इस बार अभी तक डेंगू के महज दो व मलेरिया के 5 केस सामने आए हैं। इसके विपरीत वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की भरमार है।
तापमान का उतार-चढ़ाव वायरल की वजह
चिकित्सकों के अनुसार इस बार डेंगू व मलेरिया के मामले में काफी हद तक कमी आई है। लेकिन दिन में गर्मी व रात में गर्मी व रात में ठंड के चलते वायरल बुखार से पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। दिन में 30 से अधिक व रात के समय 21 डिग्री सेलिस्यस तापमान रहने से वायरल के मामले बढ़ रहे हैं। करीब 10 डिग्री सेल्सियस के तापमान के अंतर के चलते भी बुखार के केस बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन

सात दिनों तक सताता है वायरल फीवर
आमतौर पर वायरल बुखार तीन दिन में ठीक हो जाता है। लेकिन इस बार ये वायरल बुखार सात दिन से पहले ठीक नहीं हो रहा है। ऐसे में मरीजों को खान-पान से लेकर मच्छर से बचने उपायों पर ध्यान दिए जाने की जरुरत है। चिकित्सकों का कहना है कि सावधान मात्र से मच्छर जनित बीमारियों से बचा जा सकता है।
शरीर को ढककर रखें
अक्टूबर माह में इससे पहले भी मच्छर जनित बीमारियां फैलती रही हैं। इस बार ये आंकड़ा काफी कम है। मच्छरों का लारवा न पनपे इसके लिए कहीं पर भी पानी रुका हुुआ नहीं होना चाहिए। रात को साते समय मच्छरदानी का उपयोग करना जरुरी है। इसके अलावा पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने चाहिए।
तापमान में अंतर के चलते बढ़े वायरल के मामले: डॉ. रणवीर
नागरिक अस्पताल में सीनियर फिजीशियन डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि इस बार वायरल बुखार केस बढ़े हैं। हालांकि डेंगू व मलेरिया केसों में काफी हद तक कमी आई है। इससे बचने के लिए साफ-सफाई के साथ खानपान पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। ओपीडी की में आने वाले मरीजों का एक बड़ा भाग वायरल से पीड़ित होता है। अक्टूबर के अंत तक मच्छरों का प्रकोप रहता है। तापमान में अंतर के चलते भी परेशानी बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें