डहीना में पीने का पानी नहीं मिलने से परेशान ग्रामीण ब्लॉक कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए।
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खोल। गांव डहीना की अनुसूचित जाति कॉलोनी के लोग पिछले 3 माह से पीने के पानी की किल्लत झेल रहे हैं। उन्होंने कई बार अधिकारियों को इस बारे में अवगत भी कराया, लेकिन समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। समस्या के समाधान की मांग करते हुए ग्रामीण सोमवार को धरने पर बैठ गए और वहां पर मटके भी फोड़े। हालांकि जेई से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
गांव डहीना की अनुसूचित जाति कॉलोनी में पिछले तीन माह से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। ग्रामीण कई बार अधिकारियों को लिखित में शिकायत भी दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को हाथों में बैनर लेकर डहीना के बाजारों से होते हुए ब्लॉक कार्यालय तक प्रदर्शन किया। उन्होंने खाली मटके फोड़े और फिर धरने पर बैठ गए। महिलाओं ने कहा कि तब तक वे धरने से नहीं उठेंगी, जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता है। 4 घंटे बाद ब्लॉक कार्यालय के कर्मचारियों ने गांव के ग्राम सचिव से बात करते हुए समस्या को दूर करने के लिए कहा। इसके बाद मौके पर मोटर ठीक करने वाले मिस्त्री को बुलाया गया। उसके साथ जेई मौके पर आए और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मंगलवार तक उनके घरों में पानी आ जाएगा। तब कहीं जाकर महिलाएं धरने से हटीं और अपने-अपने घरों को लौट गईं।
कालोनी वासियों ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो महिलाएं कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी। तीन घंटे बाद जेई ने मौके पर जाकर उनकी समस्या देखी और मंगलवार को समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। डहीना निवासी ग्रामीण शमशेर सिंह, रामनिवास, राजपाल, नरेश कुमार, जगदीश, सुरेंद्र, अशोक, बाबूलाल, बिल्लू आदि ने बताया कि अनुसूचित जाति कालोनी जो गांव के बाहर बसी हुई। इस कालोनी में 40 के लगभग बीपीएल कार्डधारी लोग मकान बना रह रहे हैं। लेकिन पिछले 3 माह से पीने के पानी की मोटर खराब होने से मोहल्ले में पानी का संकट गहराया हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों को प्लाट दे दिए, लेकिन उनमें सुविधा न के बराबर पहुंचाई है। पीने के पानी के लिए महिलाओं को दूर-दराज से मटका सिर पर रखकर लाना पड़ रहा है।