संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। धारूहेड़ा से सटे भिवाड़ी में 23 अगस्त को सराफा की दुकान में लूट का विरोध करने पर कारोबारी जय सिंह गोली मारकर हत्या करने के मामले में दो आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
आरोपियों को बहादुरगढ़ क्षेत्र में संरक्षण दिया गया था। जय सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी अजय कादयान झज्जर जिले के दूबलधन माजरा का निवासी है। ऐसे में पुलिस संदेह के दायरे में आने वाले झज्जर जिले के युवाओं को पूछताछ के लिए पकड़ रही है। गांव दूबलधन माजरा के ग्रामीणों ने यूआईटी थाने पहुंच कर पकड़े गए निर्दोष युवाओं को छोड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने गांव के कुछ निर्दोष युवकों को पूछताछ के लिए उठा लिया है, जिनका इस वारदात से कोई संबंध नहीं है। पुलिस से ऐसे युवकों को छोड़े।
अजय वारदात का मास्टरमाइंड है। सीसीटीवी में उसे काले रंग की शर्ट पहने हुए देखा गया था। कार से उतरकर गार्ड पर डंडे से वार कर उसकी बंदूक अजय ने ही छीनी थी। भागते समय फायरिंग करने वाला भी अजय ही था, जिसकी पुलिस को तलाश है। अजय कादयान का चचेरा भाई नोएडा जेल में हत्या के प्रयास में बंद है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की करीब आधा दर्जन टीमें एनसीआर, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस ने एक दर्जन के करीब आरोपियों करीबियों को राउंडअप कर रखा है।
23 अगस्त की शाम साढ़े 7 बजे बदमाशों ने भिवाड़ी के सेंट्रल मार्केट में कमलेश ज्वेलर्स में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। विरोध करने पर 5 बदमाशाें ने शोरूम मालिक रेवाड़ी के कंकरवाल निवासी जय सिंह, उसके भाई मधुसूदन, बेटे वैभव से मारपीट की थी। जयसिंह और मधुसूदन को गोली मार दी थी। दो गोली लगने से इलाज के दौरान जयसिंह की मौत हो गई थी।
सिर्फ एक बदमाश को पकड़ पाई भिवाड़ी पुलिस
ज्वैलर्स शोरूम में लूट और सराफा कारोबारी जय सिंह की हत्या के मामले में राजस्थान पुलिस ने बदमाशों की धरपकड़ के लिए एडीजी क्राइम दिनेश एमएन को भिवाड़ी भेजा था। भिवाड़ी पुलिस ने कई जिलों की पुलिस टीमों को आरोपियों को पकड़ने के लिए लगाया लेकिन सिर्फ एक बदमाश अनिल को गिरफ्तार किया जा सका। एक अन्य बदमाश प्रीत ने 25 अगस्त को दिल्ली में सरेंडर किया था। दूसरे बदमाश अजय उर्फ गोलू को 4 सितंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल गिरफ्तार किया था। पूछताछ के लिए भिवाड़ी पुलिस अजय को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। अजय कादयान और अतुल राठी फरार हैं।