रेवाड़ी/बावल। अक्सर देखा जाता है कि जनता मुख्यमंत्री, गृह मंत्री या पुलिस महानिदेशक से किसी पुलिस अधिकारी पर भेदभाव या पक्षपात करने के विरोध में उसके तबादले की गुहार लगाती है। मगर जिले के बावल क्षेत्र में मामला इसके बिल्कुल उलट है। यहां सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण एक डीएसपी की दोबारा तैनाती की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए और अपने गृह क्षेत्र बावल से जिला मुख्यालय में लघु सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और एसपी के नाम दो ज्ञापन सौंपे, जिनमें एक अधिकारी की कार्यशैली की सराहना की गई है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में बावल 84 के सैकड़ों लोगों ने अपने हस्ताक्षर करने के बाद उपायुक्त के माध्यम से यह गुहार लगाई कि डीएसपी राजेश कुमार चेची की बावल क्षेत्र में पुन: नियुक्ति की जाए। यह ज्ञापन एसडीएम सिद्घार्थ दहिया को सौंपा गया। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के नाम भी एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें यही मांग उठाई गई है।
बता दें कि जिला रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में डीएसपी राजेश कुमार की सरकार की ओर से किए गए तबादले से बावल 84 क्षेत्र के लोग खासे नाराज हैं। सोमवार को इस मामले में बनीपुर चौक के पास औद्योगिक क्षेत्र में स्थित डीएसपी बावल कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए और वाहनों से जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां सचिवालय के पास बावल रोड पर नए बार चेंबर्स के पास बैनर लेकर एकजुट हुए। इस मौके पर शहर पुलिस भी तैनात नजर आई।
इसके बाद कुछ लोगों ने डीसी यशेंद्र सिंह से भी मुलाकात की। उधर, इसी मांग को लेकर एसपी राजेश कुमार को भी एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें डीएसपी राजेश कुमार चेची की बावल में बतौर डीएसपी पुन: तैनाती करने की मांग की गई है। बता दें कि बावल के पूर्व डीएसपी राजेश कुमार चेची को कुछ समय पहले पदोन्नत करके मुख्यमंत्री उड़नदस्ते और खुफिया विभाग में शामिल किया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, डीएसपी राजेश बेदाग छवि के अधिकारी हैं, जिन्होंने किसान आंदोलन के दौरान भी दिल्ली जयपुर हाईवे स्थित हरियाणा-राजस्थान सीमा पर किसान नेताओं को संभाले रखा और इस वजह से इस धरना स्थल पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि डीएसपी ने कर्तव्य परायणता से बावल क्षेत्र में अपराध की रोकथाम के लिए सराहनीय योगदान दिया।
ये ग्रामीण रहे मौजूद
इस मौके पर अशोक पहलवान, बनेसिंह खेड़ा, आशाराम चौकन, हीरा सिंह, चंद्रपाल, सौरव डागर, रिपुदमन, सुरेंद्र सरपंच नांगल तेजू, संजय शर्मा, हीरा सिंह डब्बू, सूरजभान पूर्व सरपंच ओढ़ी, रणदीप चौहान, कप्तान सिंह, भोम सिंह, कृष्ण सिंह, शेर सिंह, रामजस, रघबीर, श्योदान सिंह, राजेश नंबरदार, सूबेदार सुखराम राठी, संजय राठी, अभय सिंह राठी, सुभाष, डॉ. धर्मेंद्र, अनिल रायपुर, कमल मंगलेश्वर, रतिराम नंबरदार, सुभाष चौकीदार, रामोतार सरपंच मंगलेश्वर, रविंद्र, इंद्रजीत, जतिन, बलबीर पंच, भैरू नंबरदार, जिले सिंह पंच, धर्मपाल, अजीत, प्रदीप चौकन, धर्मवीर, सुरेंद्र सिंह, योगेश, कप्तान सिंह, सुरेंद्र प्रधान, महेन्द्र सिंह सरपंच रानौली, जगदीश प्राणपुरा, पदम सिंह चेयरमैन समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने कहा किया कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे, चाहे मुख्यमंत्री के पास जाना हो या सांसद के पास, वे जरूर जाएंगे।