रेवाड़ी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत जिले में इस वर्ष 70 बच्चों के जन्मजात दोषों का सफल ऑपरेशन कराया गया। मोबाइल हेल्थ टीमों ने स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच की और जरूरतमंद बच्चों को उपचार के लिए चिह्नित किया। गंभीर जन्म दोष से पीड़ित बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में निशुल्क सर्जरी करवाई गई जिससे उन्हें नया जीवन मिला है।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में की गई जांच
आरबीएसके कार्यक्रम मैनेजर मीनाक्षी यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मोबाइल हेल्थ टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें नियमित रूप से सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करती हैं। जांच के दौरान बच्चों में जन्मजात दोष, विकास में देरी, खून की कमी, पोषण की कमी और अन्य बीमारियों की पहचान की जाती है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष हजारों बच्चों की जांच की गई जिनमें से कई बच्चों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं पाई गईं। गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को तुरंत उपचार के लिए नागरिक अस्पताल स्थित कमरा नंबर 13 में रेफर किया गया। जांच के दौरान ऐसे बच्चों की पहचान की गई जिनमें जन्मजात हृदय रोग, विकास में देरी, खून की कमी, कटे होंठ या तालु और अन्य गंभीर जन्म दोष पाए गए। इन बच्चों को बेहतर इलाज के लिए चिन्हित अस्पतालों में भेजा गया, जहां उनके ऑपरेशन पूरी तरह निशुल्क कराए गए।
अभिभावकों को भी किया गया जागरूक
मोबाइल हेल्थ टीमों ने जांच के साथ-साथ अभिभावकों और शिक्षकों को भी बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। उन्हें बताया गया कि बच्चों के खान-पान, साफ-सफाई और नियमित स्वास्थ्य जांच का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यदि किसी बच्चे में जन्म दोष या बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं तो अभिभावकों को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते उपचार किया जा सके।
कार्यक्रम से बच्चों को मिल रहा लाभ
आरबीएसके कार्यक्रम के माध्यम से जिले के हजारों बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। समय पर जांच और उपचार से कई बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा रहा है। आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि अधिक से अधिक बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
- डॉ. नरेंद्र दहिया, सिविल सर्जन, रेवाड़ी
रेवाड़ी। गांव पाडला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के स्वास्थ्य जांच करते चिकित्सक। स्रोत: