रेवाड़ी। शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर सख्त हो गई है। जिले के निजी स्कूलों को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि अभिभावक पर प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबें खरीदने का दबाव न बनाएं। स्कूल बैग के वजन के नियम को सख्ती से मानें। बताया कि जो स्कूल नियमों का पालन नहीं करते तो अभिभावक शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। जो स्कूल नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शिक्षा विभाग सौंपेंगा।
अमर उजाला ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगातार प्रमुखता से मुद्दा उठाया था। फिलहाल डीईओ ने सभी स्कूलों को पत्र भेजकर निर्देशों की पालना करने के आदेश जारी कर दिए हैं। निगरानी कमेटी रिपोर्ट बनाकर शिक्षा विभाग को सौंपेंगी। दरअसल, कई स्कूल प्राइवेट पब्लिशर्स की महंगी किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं। इससे अभिभावकों को हर साल काफी परेशानी होती है। यह स्थिति हमेशा ही देखने को मिलती है। बावजूद निजी स्कूल अपनी मनमानी करने से पीछे नहीं हटते हैं।
जमकर की जाती है मनमानी :
यूनिफॉर्म में हर साल बदलाव न किया जाए। विभाग ने इसे अनुचित व्यापारिक गतिविधि मानते हुए स्पष्ट किया है कि हर वर्ष यूनिफॉर्म नई खरीदने से माता-पिता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता हैं। 50 रुपये में मिलने वाला आईडी कार्ड 200 से 500 रुपये में बेचा जाता है। ड्रेस के नाम पर हमेशा अधिक पैसे वसूले जाते हैं। इन सब से अभिभावक हमेशा परेशान रहते हैं। हर बार स्कूल कुछ किताबों में मामूली बदलाव कर देते हैं। इससे अभिभावक नए सिरे से सिलेबस खरीदने के लिए मजबूर होते हैं।
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वर्जन :
निजी स्कूलों को पत्र जारी कर हिदायत दी गई है। निगरानी के लिए टीम गठित की गई है। फिर भी मनमानी की जाती है तो विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- सुभाष चंद सांभरिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।