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चिकित्सकों का दो घंटे धरना, बीमारों का बढ़ा मर्ज

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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर शुक्रवार को नागरिक अस्पताल के चिकित्सक दो घंटे के लिए धरना दिया। इस दौरान मरीज इलाज के लिए भटकते रहे।। धरने के दौरान पोस्टमार्टम, आपातकालीन सेवाएं और गायनी विभाग के अलावा बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाएं बाधित रही। खिड़कियों पर पर्ची भी नहीं बनाई गई। दो घंटे के धरने के बाद चिकित्सक दोबारा से अपने काम पर लौट आए। 11 बजे के बाद सभी चिकित्सक अपने काम पर लौटे तो मरीजों ने राहत की सांस ली। नागरिक अस्पताल में रोजाना 11 से 12 सौ ओपीडी होती है, मगर शुक्रवार को हड़ताल की वजह से 800 ही हुई। कापी मरीज बिना इलाज करवाए ही लौट गए।
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एचसीएमएस एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव ने कहा कि सभी सरकारी चिकित्सकों ने सरकार द्वारा दिया जाने वाला दोगुना वेतनमान स्वेच्छा से सरकार से लेने से इसलिए इनकार कर दिया है ताकि यह राशि जनता के काम आ सके। राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए एसोसिएशन हमेशा से ही सरकार को समय-समय पर सुझाव और मांग करती रही है। पीजी पॉलिसी के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले एमबीबीएस चिकित्सकों को स्नातकोत्तर करने और प्रोन्नत करने के लिए निर्धारित 40 फीसदी कोटा घटाया गया है। इससे सरकारी चिकित्सकों को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिलेगा।
डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि विशेषज्ञ कैडर के तहत एमबीबीएस के चिकित्सकों को पीजी करने या विशेषज्ञता हासिल करने वालों को प्रोत्साहित करना चाहिए। बिहार सहित कई अन्य राज्यों में यह सुविधा दी गई है। डॉ. मनीष और डॉ. अविनाश ने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की सीधे भर्ती करने की बजाय मेडिकल अफसर (एमओ) को पदोन्नत करना चाहिए। यदि सीधे एसएमओ भर्ती होंगे तो एमओ पदोन्नत नहीं हो सकेंगे।
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इस मौके पर डॉ. सर्वजीत थापर, डॉ. कंचन यादव, डॉ. अर्चना यादव, डॉ. एसपी महलावत, डॉ. गिरीश, डॉ. सुधा, डॉ. तेजस्वी, डॉ. ऋतु, डॉ. सुरेंद्र यादव, डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. अशोक रंगा, डॉ. विशाल, डॉ. जोगेंद्र, डॉ. प्रवीण, डॉ. प्रदीप राव, डॉ. राजेश, डॉ. दीपक, डॉ. लाल सिंह, डॉ. चेतना, डॉ. रजनीश, डॉ. ज्योति, डॉ. नीरज कोसली, डॉ. इंद्रजीत गेरा, डॉ. वीनिता, डॉ. अमित, डॉ. अजीत टंकवाल, डॉ. महेश नारंग, डॉ. जयपाल कोसली सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित थे।
मरीजों की परेशानी उन्हीं की जुबानी
सुबह जल्दी आ गए थे इलाज के लिए, बाद में धरने का पता चला
मैं सुबह 8.30 बजे ही नागरिक अस्पताल में अपनी बेटी के इलाज के लिए आया था। आने पर पता चला कि सारे चिकित्सक धरने पर बैठे हैं। चिकित्सकों को ओपीडी में आने के लिए काफी समय लगा। मरीजों को धरने के बारे में कुछ भी नहीं पता था। सुबह 11 बजे के बाद चिकित्सकों ने ओपीडी शुरू की।
अवधेश, रेवाड़ी
पोती के इलाज के लिए आई, पता चला डॉक्टर हड़ताल पर हैं
मैं अपनी पोती का इलाज कराने के लिए नागरिक अस्पताल में आई हूं। काफी समय हो गया डॉक्टर नहीं आए। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 9 बजे से पहले ही मैं अस्पताल में आ गई थी। ओपीडी के लिए पर्ची भी कर्मचारी नहीं बना रहे थे। 11 बजे से बाद पर्ची बनाने के लिए लाइन में लगना पड़ा। -मूर्ति, गांव बीकानेर

चिकित्सकों की हड़ताल के दौरान ओपीडी के बाहर जमीन पर बैठकर इंतजार करते मरीज। संवाद- फोटो : Rewari

नागरिक अस्पताल में ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए खड़े मरीज। संवाद- फोटो : Rewari

मांगों को लेकर नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे चिकित्सक। संवाद- फोटो : Rewari

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