गांव फिदेड़ी में बनाई गई कोविड स्पेशल जेल से फरार होने वाले कैदियों के मामले में पुलिस की पूछताछ में कुछ अहम सबूत हाथ लगे है। बदमाशों को बैरक में ही आरी का एक टुकड़ा मिल गया था, जिसके बाद उन्होंने कुंडी काटकर भागने की साजिश रची। इससे पहले आरोपियों ने बैरक में ईंट उखाड़कर निकलने की साजिश रची थी, लेकिन आरी का टुकड़ा मिलने के बाद प्लान बदल दिया था। आरोपियों से पूछताछ में अभी और भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
बता दें कि बैरक नंबर तीन में रखे गए सभी 13 बंदियों पर संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हत्या के प्रयास के आरोपी रिंकू व दुष्कर्म के आरोपी अनुज ने जेल से फरार होने की साजिश रची थी। जेल से फरार होने के लिए आरोपियों ने पहले बैरक में लगी टाइल तथा उसके बाद जंगले के साथ दीवार की एक ईंट भी उखाड़ी थी। ईंट के नीचे दीवार में आरोपियों को निर्माण के दौरान छोड़ा गया आरी का टुकड़ा मिल गया था। आरी का टुकड़ा मिलने के बाद आरोपियों को ईंट उखाड़ने की बजाय आरी से ग्रिल काटना ज्यादा आसान लगा। दोनों वार्डर की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर ग्रिल काटी गई तथा चादर की रस्सी बना छत के जरिए फरार हो गए थे। ग्रिल काटने में अन्य बंदियों ने भी दोनों का सहयोग किया था। प्रदेश से बाहर भागने की फिराक में थे आरोपी जेल से निकलने के बाद आरोपी प्रदेश से बाहर निकलने की फिराक में थे। लेकिन लॉकडाउन व पुलिस की सक्रियता के कारण ज्यादा दूर नही निकल पाए थे। कोरोना संक्रमित होने के कारण भी उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो रही थी। आरोपी नवीन शर्मा उर्फ गोलू जयपुर तथा अजीत उर्फ नेता यहां से उत्तर प्रदेश निकलने की फिराक में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए।