कोसली। पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 1.55 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी गुजरात के जिला कच्छ के गांधीधाम मेगपर बोराची निवासी नवानी चंद्रकांत रूपचंद और जिला कच्छ के गांधीधाम कैलाशनगर झोपड़पट्टी गलपादर निवासी भानुशाली दामोदर कांजीभाई हैं। पुलिस तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
नवानी चंद्रकांत रूपचंद के बैंक खाते में ठगी के 3 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे जबकि आरोपी भानुशाली दामोदर कांजीभाई ने बैंक खाता मुहैया कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका अदा की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
एसपी कार्यालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 25 जुलाई 2024 को गांव गुड़ियानी निवासी दिनेश कुमार ने शिकायत में बताया था कि वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था। 27 जून 2024 को उसे एक एपीके फाइल मिली। ग्रुप एडमिन ने उसे फाइल डाउनलोड करने को कहा। डाउनलोड करते ही उसके मोबाइल फोन पर बार्लेज सिल नाम की कंपनी एप इंस्टाल हो गई।
इसके बाद उसे ग्रुप पर शेयर मार्केट के शेयर दिखाकर इन्वेस्टमेंट करने के लिए कहा। पैसे लगाने के लिए उसे अलग-अलग खाता नंबर भेजने शुरू कर दिए। उसने एप को सही मानकर शेयर खरीदने के लिए सबसे पहले 28 जून को 5 हजार रुपये एक खाता नंबर पर ट्रांसफर किए। उसने ग्रुप के सदस्यों से एप की हकीकत पता करने के लिए पूछताछ की, तो उन्होंने इसे सही ठहराते हुए कहा कि वह भी एप के माध्यम से शेयर खरीद रहे हैं। उसने 22 जुलाई 2024 तक दो दर्जन से अधिक ट्रांजेक्शन के जरिए 1 करोड़ 55 लाख 7 हजार रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। उसके एप खाते पर मोटा मुनाफा दिखाया गया, परंतु बाद में उसे पता चला कि उसके साथ साइबर ठगी हुई है।