रेवाड़ी। पूरे दिन तेज धूप और उमस के बाद रविवार शाम पांच बजे अचानक मौसम ने करवट ली और आंधी के साथ बीस मिनट तक झमाझम बारिश हुई। इससे न सिर्फ लोगों को गर्मी से राहत मिली बल्कि शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल भी खुल गई। शहर की प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया जिससे आवागमन प्रभावित रहा।
आंधी के चलते कई क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। शहर के विभिन्न इलाकों में देर तक बिजली गुल रही। शहर की सड़कों पर जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ा। सर्कुलर रोड, भाड़ावास रोड, बावल रोड, दिल्ली रोड तथा शहर के अन्य प्रमुख मार्गों की स्थिति जलभराव से तालाब जैसी हो गई।
कई जगह नालियों का पानी सड़कों पर आ गया। पैदल चलने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा, जबकि दोपहिया वाहन चालकों को भी खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
भाड़ावास मार्ग निवासी मनोज कुमार ने बताया कि हर वर्ष बारिश से पहले नालों और नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं लेकिन पहली ही बारिश में नालों की सफाई का पोल खुल जाता है। नालियां जाम होने से नालियों का पानी सड़क पर आ जाता है।
बावल मार्ग निवासी रमेश यादव ने बताया कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नालों की सफाई पर 60 लाख रुपये होने हैं खर्च
नगर परिषद की ओर से इस बार नालों की सफाई पर 60 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जानी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पहले ही पूरी की जा चुकी है, लेकिन मानसून की दस्तक के बावजूद सफाई कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि समय रहते नालों और ड्रेनों की सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी निकासी नहीं पा रहा और शहर में जलभराव की समस्या पैदा हो रही है।
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23 जून तक मौसम में दिखेगा बदलाव
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 23 जून तक मौसम में बदलाव हो सकता है। इस दौरान बीच-बीच में आंशिक बादल छाए रहने और हवा की दिशा में बदलाव होने की संभावना है। एक पश्चिमी विक्षोभ के पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ने, राजस्थान और पंजाब के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से अधिकांश हिस्सों में तेज हवा चल सकती हैं। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की भी संभावना है। विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में दिन के तापमान में अधिक बदलाव की संभावना नहीं है जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। किसानों को मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
बारिश के बाद सर्कुलर रोड पर हुआ जलभारव। संवाद