कोसली (रेवाड़ी)। हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि कोसली क्षेत्र में स्थापित होने वाली आईएमटी के लिए किसान जल्द जमीन देने का कार्य करें। इसके लिए किसान ई-भूमि पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं या लैंड पुलिंग पॉलिसी का चयन कर सकते हैं। जमीन देने वाले किसानों के हितों का संरक्षण सरकार करेगी। वह रविवार को गांव पाल्हावास में आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
राव नरबीर ने कहा कि औद्योगिक विकास ही किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है। दुनिया के विकसित देशों ने औद्योगिक विकास के माध्यम से ही खुद को मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसा प्रावधान प्रस्तावित है जिसके तहत सरकार को किसान की ओर से दी जाने वाली भूमि का औद्योगिक संपदा में जो भी बिक्री योग्य क्षेत्रफल निकल कर आएगा उसका आधा हिस्सा एचएसआईआईडीसी और आधा हिस्सा भूमि देने वाले किसान का होगा।
उन्होंने कहा कि जब तक आईएमटी विकसित नहीं होगी लगभग चार साल तक किसानों को पैदावार की भरपाई के लिए एक लाख प्रति एकड़ प्रति वर्ष अदायगी की जाएगी।
चीफ कोआर्डिनेटर इंडस्ट्रीज सुनील शर्मा ने किसानों की ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से जमीन खरीद प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिस दिन जमीन की रजिस्ट्री होगी उसी दिन किसान के खाते में एकमुश्त रकम की अदायगी कर दी जाएगी।
इस क्षेत्र में आईएमटी के बनने से रोजगार के लाखों अवसर पैदा होंगे और दक्षिण हरियाणा का चहुंमुखी विकास होगा। यह आईएमटी बनने से न केवल रेवाड़ी जिला बल्कि प्रदेश की भी आर्थिक प्रगति होगी।
इस अवसर पर सरपंच महेश कुमार, सतपाल थानेदार, पूर्व सरपंच गजराज, रामौतार कतोपुरी, सुनील यादव, राकेश एग्रीगेटर सहित क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।
प्रदेश में स्थापित होंगी 10 नई आईएमटी : मंत्री
राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए मेक इन हरियाणा उद्योग नीति तैयार की गई है। देश भर में औद्योगिक विकास की इस अग्रणी नीति को जब पहली जून को गुरुग्राम में लॉन्च किया गया तो पहले ही दिन प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह नीति प्रदेश में पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश के लक्ष्य को लेकर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने बजट अभिभाषण में घोषणा की थी कि प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 10 नई आईएमटी स्थापित की जाएंगी। इनमें अंबाला व नारायणगढ़ में आईएमटी के लिए एचएसआईआईडीसी ने जमीन खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी घोषणा के तहत कोसली में भी नई आईएमटी बनेगी। किसानों की सहमति से उनके तमाम हितों को ध्यान में रखते हुए जमीन की खरीद की जा रही है।