संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। छह माह से बजट नहीं मिलने के कारण निशुल्क परिवहन सुरक्षा योजना अधर में लटक गई है। 70 लाख रुपये से अधिक बकाया होने के कारण चालकों के बकाए मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। अगर बजट नहीं मिला तो जाटूसाना के 30 राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुहैया कराई जा रही सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर संकट पैदा हो जाएगा।
बजट की कमी से परिवहन सुरक्षा योजना लड़खड़ा गई है। हरियाणा निशुल्क परिवहन सुरक्षा योजना की शुरूआत करीब दो वर्ष पहले जाटूसाना में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुई थी।
इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने पर इसे पूरे जिले में लागू करने की योजना थी। इसके तहत स्कूलों के विद्यार्थियों को सुरक्षित घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाने के लिए वाहनों का इंतजाम किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अभिभावकों को चिंता मुक्त करना था।
शिक्षा विभाग की ओर से जाटूसाना के 30 राजकीय स्कूलों के 77 रूटों पर 86 वाहन चलाने की योजना बनाई गई थी। इन वाहनों से 22 गांवों के विद्यार्थियों को स्कूल लाने और स्कूल से गांव पहुंचाने की व्यवस्था बनाई गई है।
पहले प्रशिक्षित चालक, फिट वाहन न मिलने के साथ ही कई चुनौतियां आईं। धीरे-धीरे चालक भी मिले और वाहन भी, लेकिन अब बजट के अभाव में योजना अधर में लटक गई है। वर्तमान में 80 वाहन चल रहे हैं।