संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के 48 गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने हैं। इनमें से 24 उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण के लिए टेंडर लगाए जा चुके हैं। बाकी 24 उप स्वास्थ्य केंद्रों की कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मंजूरी मिलने के बाद इनके निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
एक उप स्वास्थ्य केंद्र 5 हजार लोगों के बीच में खोला जाता है। इनमें कई सुविधाएं भी होती हैं। उप स्वास्थ्य केंद्र खुलने के बाद आसपास के लोगों को मामूली बीमारियों के इलाज के लिए शहर नहीं आना पड़ेगा। वे अपने नजदीकी उप स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज करा सकते हैं।
उप स्वास्थ्य केंद्र खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य का ढांचा मजबूत होगा। जिन 48 गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की योजना बनाई गई है, पहले उन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सर्वे किया गया था।
सर्वे में यह पता किया गया था कि संबंधित गांवों के आसपास स्वास्थ्य की सुविधा किस हद तक है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने 48 गांव को उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए चिह्नित किया था फिर प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेजा गया था। अब इसकी मंजूरी मिलने के बाद टेंडर जारी किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि इस वर्ष तक अधिकतर उप स्वास्थ्य केंद्र बनकर तैयार हो जाएंगे।
प्रथम चरण में इन गांवों में बनेंगे उप स्वास्थ्य केंद्र
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले के करीब एक दर्जन गांवों में शुरुआती चरण में उप स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे। इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 46.63 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी। आरंभ में गांव बेरवल, छिल्लर, मोहनपुर, रोहडाई, मामडिया आसमपुर, सुठानी, झाबुआ, नेहरुगढ़, सुठानी, नांगल शहबाजपुर, जैतपुर शेखपुर, सुर्खपुर उप स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे। इनमें करीब 50 हजार की आबादी को इससे फायदा होगा।
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वर्जन
जिले के 48 गांवों में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की योजना है। 24 उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मंजूरी मिल चुकी है। अन्य 24 उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।-डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन रेवाड़ी।