फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'मृत लोगों को दिया प्रशिक्षण, जारी किए प्रमाण पत्र'

विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। रेवाड़ी रेडक्रॉस सोसायटी पर मरे हुए लोगों के फर्स्ट एड प्रमाण पत्र बनाने और लोगों से मोटी फीस वसूलने का आरोप लगा है। आरोप लगाने वाले में कोई बाहरी नहीं बल्कि हरियाणा रेडक्रास सोसायटी सीएसआर सब कमेटी के मेंबर एडवोकेट सुनील भार्गव ने प्रधानमंत्री को पत्र भेज कर रेवाड़ी रेडक्रॉस द्वारा जारी किए फर्स्ट एड प्रमाण पत्रों की जांच की मांग की है। सुनील का आरोप है कि फर्स्ट एड प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से जारी किए जाते हैं।
विज्ञापन

एडवोकेट सुनील भार्गव का कहना है कि रेडक्रास द्वारा फर्स्ट एड ट्रेनिंग प्रमाण पत्र के लिए रेवाड़ी पहला ऐसा जिला है, जहां उम्मीदवारों से नकद पैसे लिए जाते है। जिसकी फीस 300 रुपये है, लेकिन कई कर्मचारी उम्मीदवारों से 800-1000 रुपये वसूलते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि यहां मरे हुए लोगों के नाम से भी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं और उनके पास उक्त सभी प्रमाण पत्र संबंधित दस्तावेज भी हैं। रेडक्रास द्वारा प्रमाण पत्र जारी करने में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। एडवोकेट सुनील भार्गव ने पीएम से मांग की कि विजिलेंस ब्यूरो व अन्य संबंधित उच्च अधिकारियों से इसकी जांच की जाए, ताकि फर्जीवाड़े व भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ हो सके। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कड़ी कार्रवाई की जाए।
दो मृत लोगों के प्रमाण पत्र बनने के बाद 21 को बन गया नया
बतौर एडवोकेट सुनील भार्गव ने बताया कि मृत होने के बाद भी कई लोगों के फर्स्ट एड प्रमाण पत्र बनाये जाने की शिकायतें आई तो उन्होंने खुद भी इसकी जांच करने की कोशिश की। एक मृतक का आधार कार्ड रेडक्रॉस भेजकर प्रमाण पत्र बनवाया गया तो मोटी फीस में प्रमाण पत्र 21 जून को बनकर आ गया। इस प्रमाण पर रेडक्रॉस सचिव व ट्रेनर दोनों के हस्ताक्षर हैं, ऐसे में सवाल है आखिर अधिकारी व ट्रेनर किस तरह से फर्जीवाड़ा कर लोगों को प्रमाण पत्र बना रहे हैं। बता दें कि फर्स्ट एड प्रमाण पत्र ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए जरूरी है, इसके लिए एक दिन का प्रशिक्षण लेना होता है, लेकिन पैसे देने पर बिना प्रशिक्षण ही प्रमाण पत्र बनने के मामले सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री, राज्यपाल, सीएम व प्रशासन को शिकायत भेजकर जांच के साथ कार्रवाई की मांग की गई है। जिला में इतना बड़ा भ्रष्टाचार कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। मृत लोगों तक को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जारी करना बेहद चिंतनीय है। ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।
एडवोकेट सुनील भार्गव, शिकायतकर्ता
मामला मेरे संज्ञान में आया है, हस्ताक्षर की पावर अकाउंटेंट सतीश कुमार को दी हुई है।?यदि किसी मृतक का लाइसेंस बनाया गया तो यह गंभीर मामला है। डीसी सर के सामने पूरे मामले को रखा जाएगा और जांच में जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। - वाजिद अली, सचिव रेडक्रॉस सोसायटी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें