बावल। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र बावल के नए क्षेत्रीय निदेशक के रूप में डॉ. धर्मवीर यादव ने कार्य संभाल लिया है। कुलपति प्रो. बीआर कंबोज ने उन्हें ये जिम्मेदारी सौंपी है।
डॉ. धर्मबीर इससे पूर्व करनाल में क्षेत्रीय निदेशक व हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार में परियोजना निदेशक के पद पर कार्यरत कर चुके हैं। शोध कार्यों के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक का पुरस्कार भी प्रदान किया जा चुका है। डॉ. धर्मबीर को 27 वर्ष से अधिक शोध, शिक्षा एवं विस्तार कार्य का अनुभव है। इसमें विशेषतौर पर खरपतवार नियंत्रण, जीरो टिलेज, खरपत वारनाशक प्रतिरोधता प्रबंधन, धान की सीधी बिजाई, फसल अवशेष प्रबंधन व अन्य संसाधन-संरक्षण तकनीकों पर अपना शोध-कार्य किया है।
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विदेशी अनुभवों का मिलेगा लाभ
डॉ. धर्मवीर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया है। अमेरिका, कनाडा, जापान, ऑस्ट्रेलिया व चेक रिपब्लिक आदि विभिन्न देशों में शोध कार्य व अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए यात्राएं की हैं। वैज्ञानिक कार्यकाल के दौरान 270 से अधिक शोध पत्र व लेख आदि लिखे हैं। किसानों के लिए 30 से अधिक नई तकनीकें विकसित की हैं।
किसानों की समस्याओं पर ध्यान रहेगा-
जिले मेें पानी से लेकर अनेक प्रकार की समस्याएं हैं। ऐसे में किसानों के लिए कम खर्च में अच्छी पैदावार वाली फसल की चुनौती रहती है। ऐसे में कम पानी में अधिक पैदावार लेने की विधियां, जलवायु अनुकूल तकनीक व किस्मों का शोधन, रोग एवं कीट रोधी उच्च उत्पादक किस्में,उन्नत कृषि यंत्र, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, फसल-विविधीकरण (दलहन, सब्जियों एवं बागवानी का समावेश), कृषि-वानिकी मॉडल व कटाई-उपरांत फसल प्रसंस्करण पर बल दिए जाने की जरूरत है।
महेंद्रगढ़ के खाते में गया पद
बता दें कि महेंद्रगढ़ जिले में गांव बिहाली में डॉ.धर्मवीर का पैतृक गांव है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा गांव बिहाली व अटेली स्कूल से की। उच्च शिक्षा हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार से प्राप्त की। डॉ. धर्मबीर स्कूल में हमेशा अव्वल आते थे तथा विश्वविद्यालय में भी एमएससी व पीएचडी में टॉपर रहे।
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क्षेत्र के किसानों की सेवा करने का अवसर मिला है। क्षेत्र के किसानों की समस्याओं की अच्छी तरह से जानकारी है। इसके मद्देनजर नई परियोजनाएं तैयार की जाएगी ताकि क्षेत्र की कृषि में प्रगति हो सके व किसानों की आय में वृद्धि हो। इसी कड़ी में आगामी खरीफ सीजन की शोध कार्य योजना तैयार की गई है।
-डॉ. धर्मबीर यादव, क्षेत्रीय निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र बावल।
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