रेवाड़ी। जिले में ठगी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में एक महिला से दस लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। महिला को पहले 30 हजार रुपये का लोन दिया गया। महिला ने लोन को कुछ दिन बाद लौटा दिया, लेकिन उसके बाद ठगों ने व्हाटसएप पर लोन चोर आदि लिखकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी और 10 लाख रुपये ठग लिए। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।
दर्ज केस के अनुसार राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी डॉक्टर की पत्नी पिछले 6 साल से रेवाड़ी में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गांव खिजुरी स्थित गोल्डन विला में किराये पर फ्लैट लेकर रह रही हैं। 10 दिसंबर 2021 को उनके पास एक मैसेज आया था। मैसेज में लिखा था कि उनका 3 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हुआ है। मैसेज के साथ एक लिंक भी था, जिसपर क्लिक करते ही गूगल प्ले स्टोर का विकल्प खुल गया।
उसके बाद 3 चाइनीज एप का नोटिफिकेशन आया, जिसमें कैश पार्क, लोन होम, कैश एडवांस दिखाई दी। एप डाउनलोड हो गईं। इसके बाद उस पर पीड़िता ने अपनी फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते से संबंधित डिटेल एड कर दी। 3 घंटे बाद ही महिला के खाते में 30 हजार रुपये की लोन की राशि टुकड़ों में आ गई। साथ ही उसमें लोन भरने की समयावधि भी दर्शाई गई।
दर्ज केस में महिला ने बताया कि उसने कुछ दिन के अंदर ही पेटीएम के जरिए 30 हजार रुपये की राशि वापस ट्रांसफर कर दी। कुछ दिन बाद ही उसके पास फिर से मैसेज आया और इस बार 5 लाख रुपये का लोन अप्रूव दिखाया, लेकिन महिला एप अपने मोबाइल से हटा चुकी थी। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक इंटरनेशनल नंबर से कॉल आई। इस दौरान कॉलर ने उन्हें पार्क कैश एप डाउनलोड के बाद ही रुपये मिलने की बात बताई।
इस पर पीड़िता ने एप डाउनलोड कर ली, लेकिन 5 लाख रुपये का लोन नहीं मिला। इसके बजाए इस बार उनके मोबाइल को ट्रू कॉलर सॉफ्टवेयर के जरिए हैक करके कॉन्टैक्ट लिस्ट ही चुरा ली गई। पीड़िता के अनुसार, इंटरनेशनल नंबर से दोबारा फोन आया कि 2 घंटे के अंदर अगर 5 लाख रुपये की राशि उन्हें पेटीएम के जरिए नहीं लौटाई गई तो उसका अंजाम बुरा होगा। पहली बार 15 फरवरी 2022 को उसके व्हाट्सएप पर उसकी फोटो के साथ लोन चोर लिखकर भेजा गया। ऐसा ही मैसेज चुराए गए उसके रिश्तेदारों के कॉन्टैक्ट नंबर पर भेज दिया गया। बाद में कभी कॉल गर्ल लिखकर उनके परिवार ही नहीं, बल्कि अन्य रिश्तेदारों को भेजे गए। महिला के अनुसार 17 मार्च तक वह 10 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुकी है, लेकिन उसके बावजूद अभी भी उसे ब्लैकमेल किया जा रहा है। पुलिस ने केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।