अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विभिन्न क्षेत्र में प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी महिलाओं में रेवाड़ी माउंटेनर 43 वर्षीय आशा झांझड़िया को कल्पना चावला शौर्य अवॉर्ड, पूर्व एथलीट व सेवानिवृत्त शारीरिक शिक्षक रही मॉडल टाउन निवासी भगवती देवी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड व शहर के हंस नगर निवासी विजय कुमारी को सामाजिक कार्यों के लिए प्रशंसा पत्र दिया जाएगा। सोमवार को प्रदेश के सीएम मनोहरलाल चंडीगढ़ में जिले की गौरव इन महिलाओं को सम्मानित करेंगे। कल्पना चावला अवॉर्ड के लिए एक लाख रुपये व लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिए 51 हजार रुपये की राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं 53 वर्षीय विजय कुमारी को 21 हजार रुपये की राशि के साथ सम्मानित किया जाएगा।
आशा ने 39 की उम्र में 2017 में एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा
आशा झांझड़िया ने वर्ष 2017 में 39 साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया था। शहर की पुलिस लाइन कॉलोनी में रहने वाली आशा पेशे से नर्स है और राजस्थान स्वास्थ्य विभाग में तैनात है। आशा के पति अजय कुमार हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर है और वर्तमान में रेवाड़ी में ही तैनात है। 39 साल की उम्र व दो बच्चों की मां होने के बाद एवरेस्ट फतेह कर आशा दूसरों के लिए आशा की किरण बनीं थी। 28 लाख रुपयों की जरूरत थी। लाखों रुपये की व्यवस्था करने के लिए उन्होंने न सिर्फ कर्ज लिया बल्कि पति व अपने पीएफ के पैसे भी निकलवा लिए। रीढ़ की हड्डी में परेशानी होने के बावजूद आशा ने 7 अप्रैल 2017 को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की शुरूआत की थी। 22 मई को उन्होंने एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा दिया।
सेवानिवृत्ति के बाद भी लोगों की मदद के लिए आई आगे
शहर के मॉडल टाउन निवासी भगवती यादव का शुरुआती दिनों से खेलों की तरफ रुझान रहा था। इसी का परिणाम था कि भगवती यादव अहीर कॉलेज में बेस्ट एथलीट रह चुकी है। प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह ने उनको इस पुरस्कार से नवाजा था। मध्यप्रदेश के बड़वा से एनडीएस की पढ़ाई करने के पश्चात 9 सितंबर 1966 को उन्हें बतौर शारीरिक शिक्षक सरकारी नौकरी मिली। भगवती यादव का ज्यादातर सेवाकाल बावल के राजकीय कन्या स्कूल में ही रहा। इस दौरान बावल स्कूल की बेटियों की खो-खो, कबड्डी व बैडमिंटन में कई बार प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनीं। उनकी शिष्या रही रोमी तो टोरंटों में भारतीय कबड्डी टीम में शामिल हो चुकी है। भगवती यादव बताती हैं कि पिता चुन्नीलाल की सीख पर आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वाधिक महत्व दिया। भगवती यादव की इस उपलब्धि पर उनके पति सेवानिवृत्त हेडमास्टर सुमेर सिंह यादव, बड़े बेटे लोकनिर्माण विभाग में एसई राजीव यादव, छोटे बेटे विपिन यादव, पुत्रवधू एडवोकेट राशि यादव व दीपिका यादव का कहना है कि खुद की मेहनत के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।
विजय रानी को 500-600 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का ईनाम
शहर के हंस नगर निवासी करीब 53 वर्षीय विजय रानी चौहान को 500-600 महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने का ईनाम मिला है। इसके चलते ही आज उनको चंडीगढ़ में सम्मानित किया जाएगा। विजय रानी चौहान तीन साल तक महिलाओं को सिलाई सिखाकर स्वावलंबी बनाया है, इसके चलते आज ये महिलाएं आत्मनिर्भर बन अपने परिवार को चला रही हैं। इसके अलावा भी विजय चौहान की ओर से अनेक सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका रही है। महिलाओं को सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की बात हो या अन्य मदद विजय हमेशा आगे रही हैं।
कल्पना चावला शौर्य अवॉर्ड के लिए चयनित आशा झांझड़िया।- फोटो : Rewari
विजया रानी चौहान, सामाजिक कार्यों के लिए अवॉर्ड।- फोटो : Rewari