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Rewari News: शहर में डस्टबिन नहीं, इज्जत का कचरा...

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प्रवीण चौधरी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष (शहरी) - फोटो : संवाद
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रेवाड़ी। शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए डस्टबिन ही नहीं है। डस्टबिन की मांग लंबे समय से की जा रही है। डस्टबिन न होने से शहर में भाड़ावास मार्ग, अनाज मंडी रोड, सर्कुलर रोड व दिल्ली रोड पर कूड़े के ढेर लगे हैं। जब कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी आते हैं तो उन्हें भी काफी परेशानी होती है।
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अगर शहर के उन स्थानों को चिंहित कर जहां लोग कूड़े फेंकते हैं, वहां पर डस्टबिन रखे जाएं तो डंपिंग साइट से बचा जा सकता है। साथ ही शहर को सुंदर बनाए रखने में भी डस्टबिन अहम योगदान देंगे।
शहर का कोई भी वार्ड और कोना ऐसा नहीं है जहां पर गंदगी के ढेर दिखाई न देते हों, हर गली में कूड़ा देखने को मिलता है। बावजूद व्यवस्था में सुधार सालों से नहीं हो पाया है।
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शहर से रोज 100 से 110 टन निकलता है कूड़ा
रेवाड़ी शहर की स्वच्छता रैंकिंग 2020 में 118, 2021 में 112, 2021 में 190, 2022 में 140, 2023 में 258 दर्ज की गई थी। इस बार राष्ट्रीय स्तर पर 490 और राज्य स्तर पर 57वां स्थान मिला है। वर्तमान में सफाई की दयनीय दशा के चलते स्थिति चिंताजनक है। शहर से रोजाना 100 से 110 टन कूड़ा निकलता है। जितनी गाड़ियां व ई-रिक्शा कर्मचारियों के पास हैं, वह कूड़ा उठाने के लिए अपर्याप्त हैं। सफाई कर्मचारियों की कमी भी सफाई व्यवस्था में बाधा बन रही है। शहर में 31 वार्ड हैं। पौने तीन लाख की आबादी है।

5 साल पहले 20 लाख के खरीदे गए थे डस्टबिन, सब गायब

नगर परिषद ने 5 साल पहले शहर के विभिन्न स्थानों पर 20 लाख रुपये की राशि खर्च कर 140 डस्टबिन रखे थे जो अब कहीं देखने को नहीं मिलते हैं। नगर परिषद के चुनाव दिसंबर 2020 में हुए थे जिसके बाद नए हाउस का गठन हुआ। उससे पहले प्रशासक की देखरेख में नगर परिषद का कामकाज चल रहा था। हाउस के गठन होने से पहले शहर में स्टील के छोटे डस्टबिन लगाने की प्लानिंग अधिकारियों ने की थी। सरकार से अधिकृत जेम पोर्टल के माध्यम से इन डस्टबिन की खरीद की गई थी। एक डस्टबिन की कीमत 15 हजार रुपये थी। 140 डस्टबिन खरीद लिए गए थे। इसके बाद नप के चुनाव हुए व हाउस का गठन हो गया। 5 महीने तक डस्टबिन नप कार्यालय में ही पड़े थे। तब जून की शुरूआत में इन्हें लगाया गया था। नगर परिषद के अधिकारियों ने बताया था कि यह डस्टबिन शरारती तत्वों ने तोड़ दिए थे।

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वर्जन
नगर परिषद की ओर से व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। सफाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाएगा। पूरी कार्ययोजना तैयारी की गई है। -ब्रह्मप्रकाश, डीएमसी रेवाड़ी।

शहर की सफाई व्यवस्था बिल्कुल भी ठीक नहीं है। जरूरत पड़ी तो सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर आवाज भी उठाई जाएगी। करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। -प्रवीण चौधरी, कांग्रेस शहरी जिला अध्यक्ष

डस्टबिन को लेकर बातचीत चल रही है। जल्द ही जगह-जगह डस्टबिन दिखाई देंगे। योजना तैयार की जा रही है। लोगों से अपील है कि वह कूड़ा इधर-उधर न फेंके। शहर को साफ सुथरा रखने के लिए लोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। -प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन


साफ सफाई बदहाल हमेशा से ही रहा है। सफाई को लेकर स्थिति कभी नहीं बदली है। सीवर व्यवस्था पर भी काम नहीं किया गया है। सीवर ओवरफ्लो होने से और ज्यादा गंदगी बढ़ती है। इस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। -भूपेंद्र गुप्ता, पार्षद, वार्ड नंबर 23

प्रवीण चौधरी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष (शहरी)- फोटो : संवाद

प्रवीण चौधरी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष (शहरी)- फोटो : संवाद

प्रवीण चौधरी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष (शहरी)- फोटो : संवाद

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