रेवाड़ी। जिले में करीब 19 हजार टैबलेट मौजूद हैं। मगर 17 हजार टैबलेट ही अभी चालू अवस्था में है। ऐसे में 2000 टैबलेट अभी बचे हुए हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारों का कहना है कि कुछ टैबलेट हैं जो जल्द ही वितरित किए जाएंगे और कई टैबलेट में अभी सिम नहीं है। कुछ टैबलेट ऐसे भी हैं जो खराब अवस्था में है उन्हें सर्विस सेंटर दिया गया है। जहां तक जानकारी मिली है इसमें से कई टैबलेट विद्यार्थियों को देने थे। मगर वह वितरित नहीं किए गए हैं। जिसका कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। मगर इसके पीछे शिक्षा विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि वह बचे टैबलेट भी जल्द ही दिए जाएंगे। हो सकता है कि टैबलेट देने में लेट हो चुका हो। मगर ऐसा नहीं है कि टैबलेट नहीं दिए जाएंगे। बता दें कि यह टैबलेट विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दिए जाते हैं ताकि डिजिटल रूप से जिले के विद्यार्थी सक्षम हो सके हैं और उन्हें पढ़ाई में किसी भी तरह की बाधा ना आए।
प्रशिक्षण देने के लिए तैयार किए गए हैं मास्टर ट्रेनर
शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को टैबलेट का प्रशिक्षण देने के लिए करीब 600 मास्टर ट्रेनर तैयार किए हैं। इन सभी अध्यापकों को (पीजीटी व टीजीटी) टैबलेट चलाने का प्रशिक्षण दिया गया था। इनमें सभी 150 हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं। अब यह शिक्षक अपनी-अपनी स्कूलों के 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को टैबलेट चलाने का प्रशिक्षण दे रहे हैं। अगर इन्हें किसी प्रकार की टैबलेट चलाने में कोई परेशानी आती है तो इसके लिए जिला स्तर पर 40 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं।
जिले में करीब 19 हजार टैबलेट मौजूद हैं। 17 हजार टैबलेट ही अभी चालू अवस्था में है।
डॉ. अशोक कुमार नामवाल, नोडल अधिकारी