संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। यह संसार भगवान का एक सुंदर बगीचा है। यहां चौरासी लाख योनियों के रूप में भिन्न-भिन्न प्रकार के फूल खिले हुए हैं। जब-जब कोई अपने गलत कर्मों से इस संसार रूपी भगवान के बगीचे को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करता है, तब-तब भगवान धरा धाम पर अवतार लेकर दुर्जनों का संहार और सज्जनों की रक्षा करते हैं। ये बातें पुराना कोर्ट रोड स्थित अग्रवाल भवन में सुभाष चंद कंसारा की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सुनाते हुए हरि भजन दास ने कहीं।
उन्होंने समुद्र मंथन की कथा सुनाते हुए कहा कि मानव हृदय ही संसार सागर है। मनुष्य के अच्छे और बुरे विचार ही देवता और दानव के द्वारा किया जाने वाला मंथन है। उन्होंने कहा कि जो भक्त भगवान की कथा को ध्यान लगाकर सुनते हैं। उन्हें भगवान जीवन और मरण के इस चक्र से मुक्ति प्रदान करते हैं। कथा 13 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक चल रही है। इस मौके परविनोद, ललित मोहन, मनोज कुमार, ईश्वर कुमार, हरीश मौजूद रहे।