ग्रामीणों को जागरूक करती नशा मुक्ति टीम। स्रोत : पुलिस
रेवाड़ी। सरकारी स्कूल गांव भालखी, माजरा और गांव गोविंदपुरी का मंगलवार को दौराकर नशा मुक्ति टीम ने आमजन को नशे से दूर रहने और शिक्षा व खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
नशा मुक्ति टीम ने नशा न करने की शपथ भी दिलवाई। नशा मुक्ति टीम ने दो नशा पीड़ित व्यक्तियों की पहचान की है। टीम ने पीड़ित व्यक्तियों की काउंसिलिंग करवाकर एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया गया है। टीम ने अब तक नशे से पीड़ित 167 लोगों की पहचान की है। इसके अलावा 54 नशा पीड़ितों का इलाज करवाया गया है।
पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि नशा एक ऐसी बुराई है जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ साथ पूरे परिवार का जीवन खराब कर देता है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस के अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं वहीं कई युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है। स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ बेचने वालों की असली जगह जेल है। इसलिए कारोबार करने वालों की सूचना पुलिस को दें। कड़ी कार्रवाई की जाएगी।