कोसली। राजकीय महाविद्यालय नाहड़ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्य वक्ता इतिहास के सहायक प्रोफेसर नरेंद्र सिंह ने कहा कि विभाजन विभीषिका भुलाई नहीं जा सकती है।
अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. सुषमा यादव ने की। एनएसएस प्रभारी डॉ. प्रियंका कुमारी, अनिकेत और एनसीसी प्रभारी डॉ. अमित कुमार के दिशा-निर्देशन में हुआ।
प्रो. नरेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में वर्ष 1947 का विभाजन एक बड़ी त्रासदी थी। विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपनी जमीन, घर और परिवार छोड़ने पड़े तथा अनेक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
उन्होंने बताया कि 3 जून 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन की घोषणा के बाद भारत के विभाजन का प्रस्ताव रखा गया और आगे चलकर भारत और पाकिस्तान दो अलग-अलग देश बने। विभाजन के दौरान बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
प्राचार्य डॉ. सुषमा यादव ने कहा कि इस दिवस से विद्यार्थियों को सामाजिक एकता, सद्भावना और राष्ट्रीय अखंडता बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के अंत में विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
इस अवसर पर डॉ. अशोक, जितेंद्र आर्य, विक्की, डॉ. मोनिका यादव, संदीप, सुमन, सुषमा सहित अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।