रेवाड़ी। जिले में मंगलवार को बदली छाई रही। सर्द हवा चलने और धूप नहीं होने से लोग ठंड से ठिठुरते नजर आए। ठंड से बचने के लिए लोगों ने घरों में हीटर का सहारा लिया जबकि सड़कों के किनारे लोग अलाप तापते नजर आए।
पश्चिमी हवा चलने के कारण सर्दी और अधिक बढ़ गई है। तीन दिनों से धूप नहीं निकल रही है जिससे ठंड से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 13 और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में साढ़े 5 डिग्री की कमी आई है।
सुबह-शाम घना कोहरा होने से दृश्यता कम हो रही है। ठंड बढ़ने के कारण बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही कम देखने को मिली। अधिकांश लोग घरों में दुबके रहे जबकि बाहर निकलने वाले लोग अलाव और आग सेंकते नजर आए।
कड़ाके की ठंड का असर खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों पर देखने को मिल रहा है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ठंड और नमी का यह मौसम फसलों के लिए लाभकारी माना जाता है। इससे सरसों में दाना भरने और गेहूं की बढ़वार में मदद मिलने की उम्मीद है।
ट्रेनों के संचालन पर भी असर : ठंड की वजह से ट्रेनें लेट हो रही हैं। आश्रम एक्सप्रेस 1 घंटा, रेवाड़ी दिल्ली पैसेंजर ढाई घंटे, किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस 1 घंटा लेट रही। इससे यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शीतलहर और पाला पड़ने के आसार
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। भविष्य में हवा के कारण ठंड बढ़ेगी। रात का तापमान जमाव बिंदु के आसपास पहुंचने के आसार हैं। यदि ऐसा होता है तो शीतलहर गंभीर रूप ले सकती है और पाला जमने की गतिविधियां बढ़ेंगी। मैदानी क्षेत्र में 9 जनवरी के आसपास मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने की संभावना है। तब तक ठंड का यह विकराल रूप जनजीवन को अस्त-व्यस्त रखेगा। दक्षिण हरियाणा के जिलों में तापमान का अंतर काफी कम रह गया है, जो कड़ाके की ठंड का संकेत है।