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Rewari News: सुसाइड नोट में छात्रा ने शिक्षक का लिखा था नाम, कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

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रेवाड़ी। फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता की अदालत ने एक स्कूल की छात्रा को आत्महत्या करने के लिए विवश करने और पोक्सो एक्ट के आरोपी शिक्षक सुनील कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
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कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कहा कि अभियुक्त (आरोपी) के विरुद्ध आरोप यह है कि वह पीड़िता पर बुरी नजर रखता था और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया। पीड़िता की ओर से लिखा गया सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उसकी मृत्यु का कारण उसके सर सुनील हैं।
पीड़िता ने फंदा लगाने की बात को सक्रिय रूप से छिपाने और डॉक्टर को यह बताया कि उसे दौरे पड़ रहे थे, उल्टी हो रही थी और वह बेहोश हो गई थी। साथ ही पीड़िता के माता-पिता और पुलिस अधिकारियों को लंबे समय तक सूचित न करने का अभियुक्त का आचरण इस कृत्य को और भी गंभीर बनाता है।
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अभियोजन पक्ष के किसी भी गवाह से आज तक पूछताछ नहीं की गई है। अभियुक्त की ओर से गवाहों को धमकाने और न्याय प्रक्रिया से भागने की पूरी संभावना है। कोर्ट ने आगे कहा कि अपराध की गंभीरता, आरोपों की गंभीरता और गवाहों को धमकाने की उच्च संभावना को देखते हुए इस स्तर पर जमानत याचिका खारिज की जाती है।

आरोपी सुनील के अधिवक्ता ने कोर्ट में दिया ये तर्क

आरोपी सुनील के अधिवक्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि शोध से पता चलता है कि अलग-अलग लोगों में संवेदनशीलता का स्तर अलग-अलग होता है और इस प्रकार कुछ लोग उत्तेजित होकर किसी अन्य की सक्रिय भूमिका के बिना भी अतिवादी कदम उठा सकते हैं। कानून किसी को किसी अन्य की अति संवेदनशीलता के लिए दंडित नहीं करता है। इसलिए अभियुक्त को जमानत दी जाए।
राज्य की ओर से पेश सरकारी वकील ने दलील दी कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद परिस्थितियों में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है। जमानत याचिका खारिज की जाए।

11 अगस्त 2023 को स्कूल में छात्रा ने लगाया था फंदा

पीड़िता के पिता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 11 अगस्त 2023 को सुबह करीब साढ़े 9 बजे उन्हें स्कूल से फोन आया कि उनकी बेटी गंभीर हालत में है। उन्हें स्कूल आने और बेटी को घर ले जाने के लिए कहा। उन्होंने अपने बहनोई को स्कूल भेजा, स्कूल में बताया कि लड़की को एक निजी अस्पताल ले जाया गया है। वह फिर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर ने पूछा कि क्या उनकी बेटी मिर्गी से पीड़ित है।
उन्होंने इनकार कर दिया और कुछ समय बाद उनकी बेटी की मृत्यु हो गई। साथी छात्राओं ने उन्हें बताया कि इतिहास के शिक्षक ने छात्रा को स्टाफ रूम में बुलाया और कुछ कहा। जब वह दस मिनट तक बाहर नहीं आई तो आरोपी भी उसका पीछा करते हुए क्लास रूम में पहुंच गया, जहां उसने फंदा लगा लिया। पीड़िता ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था जिसमें उसने साफ तौर पर अपनी मौत का कारण शिक्षक सुनील को बताया था।
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