फोटो: 02रेवाड़ी। आईजीयू में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों को सम्मानित करते हुए मुख्य अति
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण विभाग की तरफ से कारगिल विजय दिवस कार्यक्रम किया गया। जिसके मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी एवं शहर के किशन लाल कॉलेज के पूर्व शिक्षक प्रोफेसर डीपी भारद्वाज रहे।
इस अवसर पर रेवाड़ी शहर के अंतर्गत आसपास के गांव से बुलाए गए 32 पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी ने की और कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम का आरंभ पौधरोपण एवं रेवाड़ी जिले के धामलावास गांव से कारगिल युद्ध के प्रथम शहीद कमांडेंट सुखबीर सिंह यादव की प्रतिमा पर पुष्पार्पण के साथ किया गया।
कार्यक्रम के आरंभ में सभी का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने कहा कि हमें शहीदों की कुर्बानी को याद रखने की आवश्यकता है। कारगिल जैसी विषम परिस्थितियों में हमारे वीर सैनिकों ने जो शौर्य दिखाए वह सभी के लिए प्रेरणादायक है। हमें अपने जीवन में इसे उतारना चाहिए और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर डीपी भारद्वाज ने कहा कि हमें राष्ट्रीय प्रथम की भावना रखने वाले वीर सपूत जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। कारगिल के साथ-साथ उन्होंने रेजांगला युद्ध में यहां के वीरों द्वारा लिखी गई शौर्य गाथा को याद किया। उन्होंने कहा कि आज कुछ नई चुनौतियां हमारे सामने मुंह उठाकर खड़ी है जैसे पर्यावरण प्रदूषण पॉलीथिन प्लास्टिक रासायनिक खाद आदि हमें आज इन चुनौतियों पर भी विजय प्राप्त करके विजय दिवस मनाने की आवश्यकता है। कुलपति, कुलसचिव एवं मुख्य अतिथि ने उपस्थित पूर्व सैनिकों को स्मृति चिन्ह भेंट करके उनका सम्मान किया।