रेवाड़ी। शहर के सेक्टरों को जोड़ने वाली करीब 60 मीटर चौड़ी बाईपास रोड की मरम्मत होगी। इसके लिए करीब 6.79 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। यह सड़क अभय सिंह चौक से कर्नल राम सिंह चौक तक बनाई जाएगी जो सेक्टर 10/11, 10/21 और 4/20 को विभाजित करती है। जारी टेंडर के अनुसार इस सड़क पर डीबीएम और बीसी की परत बिछाई जाएगी। इसके साथ ही सड़क की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए टैक कोट, प्राइम कोट और क्रैक सीलिंग जैसे कार्य भी किए जाएंगे।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए साइन बोर्ड, डेलीनेटर और अन्य आवश्यक रोड सेफ्टी उपकरण भी लगाए जाएंगे। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि 15 अप्रैल तय की गई है।
दरअसल बाईपास रोड की मरम्मत लंबे समय से लंबित थी। वर्तमान में सड़क की हालत खराब होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जगह-जगह गड्ढे और दरारें होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में मरम्मत होने के बाद सड़क की स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।
इंसेट
शहर के प्रमुख मार्गों में से एक है
यह सड़क शहर के प्रमुख मार्गों में से एक है जो विभिन्न सेक्टरों को आपस में जोड़ती है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद यातायात सुगम होगा और जाम की समस्या से भी काफी हद तक राहत मिलेगी। साथ ही सड़क पर लगाए जाने वाले साइन बोर्ड और डेलीनेटर से रात के समय भी वाहन चालकों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा।
इंसेटरात में नहीं दिखाई देते गड्ढे
सेक्टर 3 निवासी राहुल कुमार ने बताया कि लंबे समय से इस सड़क की हालत खराब थी जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कत होती थी। यश सैनी ने बताया कि अब मरम्मत शुरू होने से काफी सुधार हो जाएगा। यहां पर तेजी से वाहन गुजरते हैं, गड्ढे होने की वजह से हादसों का खतरा रहता है। रात में गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं।
इस तरह से बनेगी सड़क
निर्माण कार्यों में डीबीएम, बीसी, टैक कोट, प्राइम कोट, क्रैक सीलिंग, साइन बोर्ड और डेलीनेटर जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है। सड़क निर्माण की प्रक्रिया में सबसे पहले प्राइम कोट लगाया जाता है, जो पुरानी या कच्ची सतह को तैयार करता है। इसके बाद डीबीएम की परत बिछाई जाएगी जो सड़क की मजबूत नींव का काम करती है। भारी वाहनों का दबाव सहने में सक्षम होती है। इसके ऊपर टैक कोट लगाया जाएगा। अंत में बीसी (बिटुमिनस कंक्रीट) की ऊपरी लेयर डाली जाएगी। वहीं सड़क में मौजूद दरारों को भरने के लिए क्रैक सीलिंग की जाएगी। इससे पानी अंदर नहीं जा पाता और सड़क लंबे समय तक खराब नहीं होती। इन आधुनिक तकनीकों के उपयोग से सड़क की गुणवत्ता में सुधार होगा।
बाईपास सड़क की विशेष मरम्मत होगी। करीब 6.79 करोड़ रुपये खर्च होंगे। टेंडर जारी कर दिया गया है।-रोहित, जेई, एचएसवीपी