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खेड़ा बॉर्डर पर किसानों के जत्थे पहुंचने का सिलसिला फिर शुरू

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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों का धरना 200वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर किसानों के जत्थों का आने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को भी कोटा, बूंदी, जोधपुर व हुनमानगढ़ के करीब 80 किसान यहां पहुंचे। वहीं 7 जुलाई को बावल चौरासी की ट्रैक्टर परेड के लिए चौरासी के नेताओं का लोगों से जनसंपर्क जारी है।
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किसान नेता सुमेर जेलदार व रणजीत राजू ने कहा कि किसान आंदोलन को बावल चौरासी का पूरा समर्थन है। आगामी सात जुलाई को चौरासी के किसान सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों के साथ परेड कर यह साबित कर देंगे कि कृषि कानून रद्द होने तक किसानों के साथ खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना ही पड़ेगा। अगर देश में ये कानून लागू हो गए तो किसान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। लेकिन केंद्र सरकार कुछ औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों पर जबरदस्ती ये कानून थोपना चाहती है।
बता दें कि दिल्ली कूच करते समय हरियाणा पुलिस ने राजस्थान के किसानों को दिल्ली-जयपुर स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक दिया था। उसके बाद से राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों के किसानों ने यहीं पर अपना पड़ाव डाल दिया। इस अवसर पर रामकिशन महलावत, अमराराम, राजाराम मील, सुमेर बनीपुर, ईश्वर महलावत व रण सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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