संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। लावण्या फाउंडेशन की ओर से मॉडल टाउन स्थित बाल भवन में दो दिवसीय नाट्य उत्सव के पहले दिन मंटो की कहानी काली सलवार का मंचन हुआ। मोनालिसा दास के निर्देशन में प्रस्तुत 80 मिनट के इस नाटक ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया।
नाटक काली सलवार एक वेश्या के जीवन की करुण गाथा को दर्शाती है। नायिका सुल्ताना का सपना है कि मुहर्रम के दिन वह काली सलवार पहने। उसकी यह ख्वाहिश समाज की विषमताओं के बीच दम तोड़ती दिखती है। नाटक में कलाकारों की सशक्त अदाकारी, प्रभावी संवाद और सजीव मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मंच संचालन प्रदीप यादव ने किया।
विरेन्द्र यादव, अनिल कौशिक, रंगकर्मी सतीश मस्तान ने डॉ. देशराज मीणा को विश्व के सबसे बड़े 100 दिवसीय नाट्य उत्सव के सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर सम्मानित किया।
मुख्य अतिथि एडवोकेट रेखा अग्रवाल ने फाउंडेशन को नाट्य उत्सव के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से न केवल युवाओं के अंदर छुपी प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है बल्कि अपनी संस्कृति को नजदीक से पहचानने का मौका भी मिलता है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए नया सोचने की आवश्यकता है। संस्था के प्रधान दीपक कुमार ने कहा कि नई प्रतिभाओं को मंच देना इस उत्सव का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि लावणया फाउण्डेशन में युवाओं को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर प्रदान कर रही है।
इस अवसर पर मनोज यादव, सुनील भारद्वाज, विजय भटोटिया, सविता मदान, संगीता, आदित्य डाटा, रोहित सैनी, सागर सैनी, रजत, प्रतिक, सिमरन, अंजली, पूर्वी, नीरू, निर्मला आदि मौजूद रहे।