रेवाड़ी। जिले में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से छह नए मामलों की पुष्टि की गई जिसके बाद डेंगू पीड़ित मरीजों की संख्या 103 पहुंच गई है। इसके साथ-साथ इस सीजन में अब तक 10 मलेरिया के केस भी सामने आ चुके है।
वहीं मेवात से स्वास्थ्य विभाग की स्पेशल टीम बुधवार को रेवाड़ी पहुंची। टीम ने शहर के मोहल्ला गुलाबी बाग और सहारनवास गांव में बने हॉटस्पॉट पर जाकर आसपास के घरों में लार्वा की जांच की। जांच के दौरान टीम को रसोई और बाथरूम में डेंगू के मच्छर मिले जिसके बाद वहां फॉगिंग करवाई गई।
फॉगिंग के नाम पर हो रही खानापूर्ति
शहर और ग्रामीण इलाकों में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ने के बावजूद विभाग की ओर से की जा रही फॉगिंग व एंटी-लार्वा छिड़काव को लेकर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फॉगिंग के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है जिससे डेंगू के मामलों पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो रहा है। शहर के कई मोहल्लों व कॉलोनियों के निवासियों का कहना है कि विभागीय टीमें आती तो हैं लेकिन फॉगिंग मशीन को कुछ मिनट चलाकर ही चली जाती हैं। ग्रामीण इलाकों की स्थिति और भी खराब है जहां फॉगिंग टीम का पहुंचना भी मुश्किल हो गया है।
सबसे ज्यादा शहर में मिले मरीज
डेंगू के मामलों में अभी तक सबसे ज्यादा शहर में 34, बावल सीएचसी के अतर्गत 26 व खोल सीएचसी के अंतर्गत 28 डेंगू मरीज मिल चुके हैं। मीरपुर व गुरावड़ा सीएचसी में 6-6 और नाहड़ सीएचसी में 3 डेंगू के केस मिल चुके हैं। जांच के दौरान मच्छर का लार्वा मिलने पर अभी तक 1843 लोगों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ब्रीडिंग चेकर टीम अब तक सोर्स रिडेक्शन एक्टिविटी के तहत 16 लाख 85 हजार 247 घरों में लार्वा की जांच कर चुकी है। अब तक 1843 लोगों के ब्लड सैंपल लिए जा चुके है।
डेंगू के लक्षण
डॉक्टरों ने बताया कि डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेट्स की संख्या में तेजी से कमी आना मुख्य लक्षण हैं। यदि समय रहते इलाज न मिले तो यह बीमारी जानलेवा भी साबित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे घरों व आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमलों और छतों पर रखे बर्तनों की नियमित सफाई करें। तेज बुखार या डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
-
वर्जन:
डेंगू के 100 पार मामलों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है। विभागीय टीमों को मोहल्लों और गांवों में घर-घर जाकर सर्वे करने और संभावित मच्छर-प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर परिषद और पंचायत स्तर पर फॉगिंग व एंटी-लार्वा छिड़काव कार्य में भी तेजी लाई जा रही है।