सरकार द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। महिलाएं इसके तहत घर से बाहर निकलकर अपना व्यवसाय चला रही हैं। अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। यह मिशन महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह जानकारी डीसी यशेंद्र सिंह ने दी.
उन्होंने बताया कि इस योजना की विशेष बात यह है कि इस योजना में उन महिलाओं को शामिल किया जा रहा है जिनकी आर्थिक स्थित बहुत ही कमजोर होती है। योजना के तहत समूह बनाकर ऐसी महिलाओं को बैंक के माध्यम से मामूली ब्याज दर पर बैंक से ऋण उपलब्ध करवा कर उनका व्यवसाय शुरू करवाया जाता है। सरकार की इस योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी सुधरने लगी है और वे अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।
हरियाणा राज्य में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं का सामाजिक एवं आर्थिक विकास हो रहा है। योजना का लाभ ले रही महिलाओं का कहना है कि आजीविका मिशन ने उनकी व उनके परिवार की दशा बदल दी है। ग्रामीण क्षेत्र में बहुत सी महिलाएं घर का काम करने के बाद अपने आपको खाली महसूस करती हैं। इस योजना के माध्यम से परिवार को आगे बढ़ाने व परिवार को आर्थिक सहयोग देने के उद्देश्य से उन्होंने हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में शामिल होकर जीवन की नई शुरूआत की है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य सभी गरीब परिवारों तक पहुंचना और सम्मानजनक एवं बेहतर जीवनयापन करने के अवसर प्रदान करना है। हरियाणा प्रदेश में इस कार्यक्रम का प्रभावी कार्यान्वयन किया जा रहा है। राज्य में महिलाओं को स्वंय सहायता समूहों के माध्यम से मिशन की मुख्यधारा में सम्मलित किया गया है। मिशन का उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं के सशक्तीकरण के लिये उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना है।
जिले में ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ की खंड अनुसार स्थिति
जिले में ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तहत 1840 स्वयं सहायता ग्रुप में कुल 19281 सदस्य पंजीकृत हैं, जिनमें खंड रेवाड़ी में 7429, बावल में 4238, नाहड़ में 3330, खोल में 2144, जाटूसाना में 2107तथा डहीना में 33 सदस्य हैं।