बावल। गांव हरचंदपुर में अवैध रूप से भट्ठा चलाने के आरोप में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह मामला तब दर्ज किया गया, जब इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी गई। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। दरअसल, गांव हरचंदपुर निवासी महेन्द्र सिंह पुत्र हुक्म सिंह ने कोर्ट द्वारा स्टे लगने के बावजूद भट्टे को अवैध रूप से चलाने के लिए शिकायत दी थी। मामला फिर से विवादों में आ चुका है। कारण यह है कि जिस पुलिस कर्मचारी को मामले में जांच अधिकारी बनाया गया है। उसे लेकर विवाद खड़ा हो चुका है। दरअसल, पुलिस कर्मचारी की आरोपियों का रिश्तेदार होने की बात कही गई है। मगर इस पर पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। पीड़ित का यह भी कहना है की जांच अधिकारी ने उसे धमकाया था। ऐसे में उन्हें बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। बावल एसएचओ लाजपत का कहना है कि अगर उनके पास शिकायतकर्ता आएगा तो इसका भी समाधान होगा।
ये है मामला
शिकायतकर्ता महेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया था कि भट्टे पर कोर्ट द्वारा स्टे लगाया हुआ है, लेकिन इसके बावजूद ईंट बेची गई और मिट्टी की भी खुदाई की गई। महेन्द्र सिंह का आरोप है कि 25 नवंबर को सुबह जेसीबी लगाकर खुदाई की गई और चोरी-छिपे ईंटें बेची गईं। इसके लिए एसपी को शिकायत दी गई थी, जिस पर डीएसपी बावल ने जांच की और उस पर जिला न्यायवादी से मुकदमा दर्ज करने को लेकर राय मांगी थी, जो जिला न्यायवादी ने फाइल को देखते हुए उस पर राय दी और अब 15 लोगों के खिलाफ चोरी व गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। महेंद्र का कहना है कि उसकी जान को भी खतरा है।