रेवाड़ी। दिल्ली जयपुर हाईवे आसलवास के पास बुधवार रात करीब ढाई बजे जयपुर की तरफ जा रहे अनियंत्रित ट्रक की चपेट में आने से स्कूटी सवार दंपती व 7 वर्षीय बेटे की मौत हो गई। इस हादसे में सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि मृतक राखी 7 महीने की गर्भवती थी।
उनकी मौत के साथ ही गर्भ में पल रहा मासूम भी दुनिया में आने से पहले ही काल का ग्रास बन गया। अमित का 10 वर्षीय बेटा अकंद इस वजह से बच गया क्योंकि वह परिवार के साथ नहीं था। परिवार में केवल अब अकंद ही बचा है।
मृतक अमित के भाई सुमित ने बताया कि वह कुछ समय पहले ही बावल में प्रेस की दुकान चलाने के लिए आया था। धोबी का भी काम करता था। किसी तरह से गुजर बसर होता था। उसका दस साल का बेटा अकंद हादसे के वक्त दिल्ली स्थित घर पर था। सुमित ने बताया कि वे तीन भाई थे, जिसमें अमित की मौत हो गई।
वहीं, सुमित खुद क्रिकेट की कोचिंग देते हैं। तीसरा भाई एक डिलीवरी कंपनी में नौकरी करता है। सुमित का कहना है कि घटना ने झकझोर कर रख दिया है। कभी नहीं सोचा था कि इस प्रकार से सड़क दुर्घटना में तीनों की मौत हो जाएगी।
स्कूटी के परखच्चे उड़े
जब सीमेंट से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर की दूसरी तरफ जा पहुंचा था, तब वह एक ढाबे के अगले हिस्से को भी क्षतिग्रस्त करके आगे की ओर बढ़ गया। उसके 2 फीट की दूरी पर ही जोहड़ में ट्रक का अगला हिस्सा चला गया। उसके बाद जाकर ट्रक की रफ्तार थमी। अगर ट्रक की रफ्तार नहीं थमती तो कई गाड़ियां चपेट में आ सकती थीं। वहीं, दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए।
बाल- बाल बचा ढाबा संचालक
प्रत्यक्षदर्शी ढाबा संचालक ने बताया कि वह रात के समय अपने ढाबे में बेटे के साथ सो रहा था तभी जोरदार आवाज सुनाई दी। जैसे ही वह अपने ढाबे से बाहर की ओर निकला तो देखा कि उसके ढाबे का कुछ हिस्सा टूट गया था। 2 फीट की दूरी पर सीमेंट से भरा हुआ ट्रक जोहड़ में गिरा हुआ था। ढाबा संचालक ने बताया कि किस्मत अच्छी थी कि ट्रक सीधा ढाबे में नहीं घुसा। उसके बाद उन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से इलाज के लिए अस्पताल में भिजवाया गया। पुलिस आसपास की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
वर्जन:
पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसा ट्रक की टक्कर की वजह से हुआ है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। -शिव दर्शन, प्रभारी, थाना