फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rewari News: बिजली के खंभे से डिश केबल नहीं हटाने पर कोर्ट ने 8 हजार रुपये लगाया जुर्माना

Sat, 26 Apr 2025 12:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


रेवाड़ी। बिजली के खंभे पर लगाए गए डिश केबल को नहीं हटाने के मामले में सेशन जज जीएस वाधवा की अदालत ने विकास नगर निवासी ओमप्रकाश को विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 139 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया। साथ ही अदालत ने दोषी को 8 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।
बिजली के खंभे पर लगे डिश केबल को हटाने मांग सुरेश कुमार ने बिजली निगम से की थी। इसके बाद बिजली निगम के एसडीओ अमनदीप ने शहर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने शिकायत में कहा था कि वार्ड- 25 गली नंबर 6 निवासी ओमप्रकाश ने अवैध तरीके से बिजली के खंबे पर डिश केबल लगाया है। संबंधित जेई ने ओम प्रकाश को ऐसा नहीं करने के लिए चेताया भी था। इसके बाद उसने केबल नहीं हटाया था।
विज्ञापन


आरोपी ओमप्रकाश के खिलाफ अवैध रूप से बिजली के खंभों पर डिश केबल डालने के लिए एफआईआर दर्ज कराने को लेकर शिकायत दी गई थी। जेई महेश ने सूचित किया था कि ओमप्रकाश ने विकास नगर में निगम के बिजली के खंभों पर अवैध रूप से डिश केबल बांध दी थी। गली नंबर 7 विकास नगर निवासी शिकायतकर्ता सुरेश ने बिजली के खंभों से डिश केबल हटाने के लिए 10 अगस्त 2023 को आरटीआई आवेदन और एक शिकायत प्रस्तुत की थी। ओमप्रकाश को 7 दिन के अंदर बिजील के खंभे से डिश केबल हटाने के लिए 11 सितंबर 2023 को नोटिस दिया गया था। उसने विद्युत पोल से डिश केबल नहीं हटाई। सुरेश ने दोबारा से 26 सितंबर 2023 को आरटीआई आवेदन दायर किया था।
इस मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश जीएस वाधवा ने आरोपी ओमप्रकाश को दोषी ठहराते हुए 8 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई। दोषी ने अदालत में जुर्माना अदा कर दिया है।
दोबारा की गई थी जांच

29 सितंबर 2023 को चौकी कानोड गेट को एक पत्र प्राप्त हुआ था। इस पर प्रबंधक थाना शहर रेवाड़ी द्वारा जांच पर एतराज जताया गया था। दोबारा जांच कानोड गेट चौकी इंचार्ज की ओर से की गई थी। दोबारा जांच करने पर मालूम चला था कि विद्युत अधिनियम एक्ट 2023 के तहत नियमों की अवहेलना की गई है।
विज्ञापन

अदालत ने कहा दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं
सजा के खिलाफ लोक अभियोजक ने दलील दी कि चूंकि दोषी को विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 139 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है, इसलिए उसे कड़ी सजा दी जानी चाहिए। जबकि दूसरे पक्ष के वकील ने दलील दी कि दोषी ने पहली बार अपराध किया है और उसके दो बेटे हैं। उसका एक बेटा विकलांग है और उसका 50 फीसदी शरीर लकवाग्रस्त है। उसे किडनी की बीमारी भी है। उसके पिता बूढ़े हैं, जिनकी उम्र लगभग 80 साल है और वे कई बीमारियों से पीड़ित हैं। दोषी गरीब है और पेशे से मजदूर है और अपने परिवार में वह अकेला कमाने वाला है। सजा सुनाते समय दोषी के प्रति नरम रुख अपनाया जाना चाहिए। इस पर सत्र न्यायाधीश जीएस वाधवा ने कहा कि न्यायालय का मानना है कि इस मामले में दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है, क्योंकि उसने अवैध रूप से बिजली निगम के खंभे पर डिश केबल बांधी थी और नोटिस पर भी उसे नहीं हटाया। इसलिए दोषी ओम प्रकाश को विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 139 के तहत दंडनीय अपराध करने के लिए 8 हजार रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई जाती है।



अदालत ने कहा- दोषी किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं, वकील बोला- बेटा 50% लकवाग्रस्त, पिता 80 साल का, रहम करें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें