संवाद न्यूज़ एजेंसी
रेवाड़ी। माजरा श्योराज के राजकीय विद्यालय में 12वीं कक्षा की एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने के बाद से मृतक छात्रा के गांव के करीब 75 विद्यार्थियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। घटना के बाद से गांव का कोई भी विद्यार्थी स्कूल नहीं गया है। शुक्रवार को गांव का एक छात्र स्कूल में गया था, लेकिन बाद में वह भी लौट आया।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों में स्कूल के अध्यापकों से डर बना हुआ है। मामले में नामजद प्रिंसिपल को भी पुलिस ने अभी गिरफ्तार नहीं किया है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को प्रशासन की ओर से एसडीएम इस स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों व अभिभावकों से मिलेंगे।
घटना के बाद से बच्चों में बना हुआ है डर : बलजीत
12 अगस्त को कक्षा 12वीं की छात्रा ने स्कूल में ही एक कमरे चुन्नी से फंदा लगाकर जान दे दी थी। पुलिस ने शिकायत के बाद आरोपी शिक्षक और स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, लेकिन 12 अगस्त के बाद से माजरा श्योराज स्कूल में पढ़ने वाले मृतक छात्रा के गांव के सभी विद्यार्थियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है।
मृतक छात्रा गांव के सरपंच प्रतिनिधि बलजीत ने बताया कि घटना के बाद से बच्चों में डर बना हुआ है। सभी अभिभावक चाहते हैं कि स्कूल के स्टाफ को बदला जाना चाहिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
शुक्रवार को एसडीएम स्कूल और गांव में जाकर बच्चों व अभिभावकों से मिलकर बात करेंगे। इसके अलावा जो भी कार्रवाई बनेगी, की जाएगी।
-मोहम्मद इकबाल रजा, डीसी रेवाड़ी।