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Rewari News: सेक्टर-12 में सिटी बस के चार्जिंग पॉइंट बनाने के लिए टेंडर जारी

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फोटो : 4पुराने बस डिपो में खड़ी इलेक्ट्रिक बसें। संवाद
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रेवाड़ी। हरियाणा सिटी बस सेवा के तहत सेक्टर-12 में इलेक्ट्रिक बसों के लिए सिविल और इलेक्ट्रिक कार्य को लेकर टेंडर जारी कर दिया गया है। इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए 13.96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी के मद्देनजर रोडवेज की तरफ से नए बस स्टैंड परिसर में 90 गज जमीन पर चार्जिंग पॉइंट बनेगा। तीन एकड़ पर स्टेशन होगा।
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यहां पर बनने वाली बिल्डिंग में 170 चार्जिंग पॉइंट लगाए जाने की क्षमता तय की गई है। चार्जिंग पॉइंट के लिए रैकनुमा मशीनें लगेंगी जिनको चालू करने के बाद बसों को बिल्डिंग के बाहर खड़ी करके चार्ज किया जाएगा। इससे एक बार में ही सभी बसों को चार्ज किया जा सकेगा।
सरकार ने अगले वर्ष तक रेवाड़ी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ा कर 45 और चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाकर 8 करने की योजना बनाई है। इस पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। बसों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को यातायात की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। फिलहाल पांच इलेक्ट्रिक बसें शहर में सेवाएं दे रही हैं।
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आसपास के गांवों में शुरू की जाएंगी बसें

यह बसें शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी चलाई जाएंगी। इससे सार्वजनिक यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। सिटी इलेक्ट्रिक बस ऑटो की तर्ज पर चलेगी। इसका किराया भी सामान्य होगा। एक बार चार्ज होने के बाद इलेक्ट्रिक बस करीब 120 किलोमीटर तक चल सकेगी। बस सेवा के लिए हरियाणा सिटी बस सर्विस लिमिटेड का गठन किया गया है।


65 करोड़ 32 लाख रुपये बस स्टैंड पर होंगे खर्च
शहर के सेक्टर 12 में प्रस्तावित आधुनिक बस स्टैंड और रोडवेज वर्कशॉप के निर्माण को लेकर करीब 42.89 करोड़ का टेंडर निकाला गया था। बस स्टैंड और वर्कशॉप बनाने के लिए कुल राशि 65 करोड़ 32 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

वर्ष 2008-09 में बस अड्डे की घोषणा हुई थी। पुराने बस स्टैंड को स्थानांतरित करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से 2011 में लगभग 20 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बाद मुआवजे को लेकर मामला कोर्ट में चला गया था। 2 साल पहले पूरी जमीन कब्जा मुक्त हुई थी।

1973 में बना था पुराना बस स्टैंड
शहर के सरकुलर रोड पर बना मौजूदा बस स्टैंड 1973 में बनकर तैयार हुआ था। इसके बाद से ही डिपो लगातार उपेक्षा का शिकार बना रहा है। बस स्टैंड भीड़ वाले इलाके में स्थित है और इसका भवन जर्जर हो चुका है। बारिश के समय बस स्टैंड के भवन का प्लास्टर तक गिरता रहता है। शहर की लाइफलाइन सर्कुलर रोड पर जाम लगा रहता है जिससे लोग परेशान होते हैं। यात्री दबाव, निजी बसें और 600 से अधिक ऑटो के कारण हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। बस अड्डे के साथ ही नाईवाली चौक, झज्जर चौक, धारूहेड़ा चुंगी एरिया से निकलना मुश्किल हो जाता है। इसमें रोडवेज बसें फंसकर खड़ी हो जाती हैं तो कभी जाम का खुद भी कारण बनती हैं। बसों को खड़ी करने तक की भी जगह कई बार डिपो में नहीं होती है।



बस स्टैंड के निर्माण को लेकर टेंडर जारी किया गया है। टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा। -सत्येंद्र, एक्सईएन, पीडब्लयूडी

डिपो को 5 इलेक्ट्रिक बसें पहले मिल चुकी हैं जिसका संचालन वर्तमान में बेहतर तरीके से हो रहा है। 45 और बसें मिलनी हैं इसे लेकर नए बस स्टैंड पर चार्जिंग पॉइंट बनेंगे। -निरंजन, जीएम रोडवेज रेवाड़ी
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