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Rewari News: स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण को लेकर टेंडर जारी, 4.64 करोड़ होंगे खर्च

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फोटो 14: बावल मार्ग से गुजरते वाहन। संवाद
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रेवाड़ी। नगर क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण और अपग्रेडेशन से जुड़ा टेंडर जारी किया गया है। करीब 4.64 करोड़ रुपये इस परियोजना पर खर्च होंगे। परियोजना में नयागांव स्थित मुख्य स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन के उन्नयन से लेकर बावल रोड क्षेत्र में इनलेट पंपिंग स्टेशन और नाले के निर्माण तक कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
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टेंडर के अनुसार रेलवे ट्रैक और बावल रोड के आसपास स्टॉर्म वाटर की बेहतर निकासी सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण प्रस्तावित है। इस क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव गंभीर समस्या रहा है। प्रस्तावित ड्रेनेज नेटवर्क के तहत पाइपलाइन बिछाई जाएगी जिससे वर्षा जल का निस्तारण संभव होगा। करीब 80 हजार की आबादी को फायदा मिलेगा।
अभी बावल रोड पर बारिश के समय में काफी जलभराव हो जाता है। इस दौरान पानी कई दिनों तक खड़ा रहता है जिससे वाहन चालकों को अपने जाने में काफी परेशानी होती है। बावल मार्ग शहर का सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, व्यवस्था सुधारती है तो यातायात भी प्रभावित नहीं होगा।
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नयागांव में मुख्य पंपिंग स्टेशन का होगा अपग्रेडेशन

परियोजना का अहम हिस्सा नयागांव स्थित मुख्य स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन का अपग्रेडेशन है। आधुनिक तकनीक के आधार पर पंपिंग स्टेशन को सुदृढ़ किया जाएगा जिससे बड़ी मात्रा में स्टॉर्म वाटर को भी कम समय में निकाला जा सके। उपकरणों के उन्नयन से क्षमता बढ़ने के साथ-साथ संचालन में भी सुगमता आएगी।


280 मीटर नाला का होगा निर्माण

कंपोनेंट-5 के तहत सोलहाराही तालाब से बावल रोड (आईपीएस) तक 280 मीटर लंबे नाले का निर्माण किया जाएगा। यह नाला जल निकासी नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। इसके अलावा, कंपोनेंट-4 के अंतर्गत बावल रोड पर एक नए इनलेट पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा जो आसपास के सभी क्षेत्रों से आने वाले वर्षा जल का प्रबंधन करेगा।


5 साल का मेंटेनेंस भी किया गया शामिल

टेंडर में कंपोनेंट-8 के तहत स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने का भी प्रावधान है। इसके साथ ही ईंट-निर्मित होड्डी और सिल्ट कैचर निर्माण कार्य भी शामिल हैं। विशेष बात यह है कि निर्माण पूरा होने के बाद ठेकेदार को 12 माह का समय, 3 माह के सफल ट्रायल और उसके बाद 5 वर्ष तक ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।




चैनल तक बिछेगी 4 किमी लंबी लाइन

बाल भवन के सामने और आंबेडकर चौक से आगे, सड़कों के किनारे नाला और स्टॉर्म वॉटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। सभी जगह के बरसाती पानी को पंपिंग स्टेशन के जरिए निकालकर स्केप चैनल में डाला जाएगा। सेक्टर-3 और मॉडल टाउन के पास बनने वाले मेन पंपिंग स्टेशन से एक 4 से 5 किलोमीटर लंबी इंडिपेंडेंट पाइपलाइन बाईपास होते हुए कालका गांव से निकलकर स्केप चैनल में जाएगी। वर्तमान में जो पुरानी मिट्टी का नाला है उसे आरसीसी में तब्दील किया जाएगा।
वर्जन
इस परियोजना को पिछले दिनों मजूरी दिलवाई गई थी। करीब 80 हजार की आबादी को फायदा मिलेगा। मानसून सीजन में शहर को जलभराव से पर्याप्त राहत भी मिल सकेगी। -लक्ष्मण यादव, विधायक, रेवाड़ी।
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