फोटो : 29बाल भवन में संबोधित करते डीसी अभिषेक मीणा। स्रोत : डीपीआरओ
रेवाड़ी। शिक्षक अपने शिष्य के चरित्र एवं भविष्य के निर्माता होते हैं जो उनके ज्ञान के दीपक को प्रज्ज्वलित कर अज्ञानता के अंधेरे को मिटाते हुए राष्ट्र-निर्माण में अपनी भूमिका निभाते हैं। ये बातें डीसी अभिषेक मीणा ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती व शिक्षक दिवस पर बाल भवन में आयोजित समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देकर व उनका मार्गदर्शन कर उन्हें अच्छा इंसान बनाते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के विकास के लिए शिक्षकों को डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के मार्ग पर चलना चाहिए।
बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, ताकि हमारा विकसित भारत का सपना साकार हो सके। उन्होंने कहा कि शिक्षक कभी रिटायर नहीं होते। हमें उनसे सदैव कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है। डीसी ने कहा कि सरकार द्वारा अब स्कूलों में ऑनलाइन और डिजिटल क्लास रूम के जरिए पढ़ाई हो रही है, जिससे बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
डीसी ने सभी शिक्षकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करते हुए आत्मनिर्भर व आधुनिक भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। इस अवसर पर डीसी अभिषेक मीणा ने 11वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट की। उन्होंने बाल भवन में बनाए गए सिलाई सेंटर में प्रशिक्षु महिलाओं को सिलाई मशीनें भी प्रदान की।