शहर की की करीब 51 हजार कॉमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रापर्टी मालिकों पर करीब लगभग 14 करोड़ रुपये बकाया है। 2019-20 के वार्षिक टैक्स पर मिलने वाली 10 फीसदी छूट भी बुधवार को खत्म हो गई। अब ऐसे में शहरवासियों को पूरा टैक्स भरना पड़ेगा।
नगर परिषद(नप) से मिले आंकड़ों के अनुसार शहर में सभी प्रकार की करीब 51 हजार प्रापर्टी हैं। जुलाई माह से पहले टैक्स भरने पर एक्ट के हिसाब से 10 प्रतिशत की छूट दी जाती है। मार्च से लेकर जुलाई तक इन पांच महीनों में शहरवासियों ने 10 प्रतिशत छूट लेने के लिए करीब दो करोड़ रुपये नप के खाते में जमा कराए। बावजूद इसके अभी तक बीते सालों को जोड़ दिया जाए तो लोगों पर बतौर प्रापर्टी टैक्स करीब 14 करोड़ रुपये बकाया है। नियमानुसार एक साल में करीब 10 करोड़ रुपये बतौर प्रापर्टी टैक्स जमा होने चाहिए, लेकिन नप के साथ लोगों की ढिलाई के चलते पैसे जमा नहीं हो पाता है।
नप से मिले आंकड़ों के अनुसार एक साल में नप के खाते में बतौर प्रापर्टी टैक्स करीब 10 करोड़ रुपये जमा होने चाहिए, लेकिन वर्ष 2018-19 की बात करें तो प्रापर्टी टैक्स के नाम पर नप के पास महज 478.54 लाख रुपये ही जमा हो पाया। इसका मतलब है कि महज 45 फीसदी लोगों ने ही नप के खाते में बकाया प्रापर्टी टैक्स जमा कराया। ऐसे में जिन लोगों की ओर से टैक्स अभी तक जमा नहीं कराया गया है, नप की ओर से ऐसे लोगों को नोटिस भेजे जा सकते हैं।
नौ साल के बिल भेजे एक साथ
शहरवासियों का कहना है कि नप ने वर्ष 2010 से लेकर 2019 तक 9 साल का प्रापर्टी टैक्स एक साथ भेज दिया। इससे पहले कभी नप की ओर से नोटिस नहीं भेजे गए। ऐसे में एक साथ बिल भेजने के साथ ही उसमें ब्याज की राशि भी जोड़ दी गई। एडवोकेट व सेक्टर- 4 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव अनिल यादव का कहना है कि कुछ लोगों ने मजबूरी मेें अपने बिल जमा करा दिए, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्होंने बिल जमा नहीं कराए हैं। ऐसे में जरूरी है कि नप को बिलों ब्याज हटाकर भेजना चाहिए, ताकि राहत मिल सके।
सीएम से की समाधान की मांग
वहीं दूसरी ओर से भाजपा नेता सतीश खोला ने अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएम से प्रापर्टी टैक्स में दखल देने की मांग की है। खोला ने कहा कि नप की ओर से दोबारा प्रापर्टी का एस्समेंट करना चाहिए। एक साथ 9 सालों के बिल भेजना भी गलत है। हर साल बिल मिलते तो लोग आसानी से भर सकते थे। ऐसे में ब्याज हटाकर टैक्स भरवाना चाहिए।
प्रापर्टी ऑन लाइन करने के लिए चल रहा सर्वे
बिलों में गड़बड़ी व अन्य प्रकार के परेशानियों से बचने के लिए नप की ओर से प्रत्येक प्रापर्टी को एक 16 नंबर की यूनिक आईडी दी जाएगी। प्रत्येक घर के दरवाजे पर इस आईडी को लगाया जाएगा। इस नंबर से कोई भी व्यक्ति अपनी प्रापर्टी आदि की डिटेल देखकर अपना टैक्स भरने से लेकर नगर परिषद संबंधित काम ऑनलाइन करा सकता है। नप अधिकारियों की माने तो सर्वे का काम सितंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद आईडी जारी कर दी जाएगी।
नप की ओर से समाधान की हर संभव कोशिश
नप ईओ मनोज यादव ने बताया कि इस वित्त वर्ष के लिए 31 जुलाई 10 प्रतिशत छूट लेने की अंतिम तारीख थी। अब सभी को एक्ट के हिसाब से पूरा टैक्स भरना होगा। उन्होंने कहा कि टैक्स बिल समय-समय पर भेजे जाते हैं। बीते साल से सभी को मैसेज के माध्यम से बिल भेजे गए थे। बात रही ब्याज की इसके लिए नप की ओर से बिलों को ठीक करने का काम किया जाता रहा है। अभी भी किसी को परेशानी है तो नप आकर बिल ठीक करा सकता है। किसी से भी गलत तरीके से टैक्स नहीं वसूला जाएगा। लेकिन जो बकाया है सभी को उसे भरना चाहिए।