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Rewari News: स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी व पंचायतों का लें सहयोग

Wed, 26 Mar 2025 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो : 09जीरो ड्रॉप आउट एवं प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के तहत नामांकन बढ़ाने के लिए आयोजित बैठक
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। प्रवेश उत्सव के तहत राजकीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने और जीरो ड्राप आउट को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया की अध्यक्षता बैठक मंगलवार को खंड रेवाड़ी में हुई। इसमें जिला एफएलएन समन्वयक चरण सिंह ने कहा कि शिक्षक स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायतों का सहयोग लें।
जिला एफएलएन समन्वयक ने विद्यालय मुखिया, क्लस्टर मुखिया और खंडस्तरीय अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे पत्रानुसार ही कार्यवाही करें। स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे, सामुदायिक जागरूकता एवं सहभागिता, के साथ आंगनबाड़ी और पंचायत का सहयोग लिया जाए। शिक्षक सरकार द्वारा विद्यालयों में दी जा रही सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षक, नियमानुसार कक्षाओं में निशुल्क वर्दी, पुस्तकें, बैग, स्टेशनरी, स्वास्थ्य जांच एवं पोषण युक्त मिड-डे मील आदि सेवाओं का प्रचार-प्रसार करें।
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सभी विद्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए गए कि वे अपने स्कूलों में बैनर और पोस्टर लगाकर अधिकतम नामांकन के लिए प्रचार प्रसार करें और प्रतिदिन खंड कार्यालय को रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया ने सभी को निर्देशित किया कि नामांकन अभियान के तहत 30 अप्रैल तक विशेष प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जाए। इस दौरान घर-घर जाकर शिक्षकों द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाए। ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उनका दोबारा नामांकन सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए एसएमसी, पंचायत और आंगनबाड़ी का सहयोग लिया जाए।
बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता, खंड संसाधन समन्वयक अरविंद कुमार यादव, जिला एफएलएन समन्वयक चरण सिंह, सभी क्लस्टर मुखिया, मिडिल हेड और प्राथमिक विद्यालयों के मुखिया उपस्थित रहे।
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1 अप्रैल को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए
कपिल पूनिया ने निर्देश दिया कि 1 अप्रैल को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया जाए और उसी दिन विद्यार्थियों को अगली कक्षा की पुस्तकें वितरित की जाएं। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए पत्रानुसार उचित अनुपालना की जाए। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों से विद्यार्थियों का स्थानांतरण कराने के लिए सरकारी स्कूलों की सुविधाओं का प्रचार किया जाए, जिससे अधिकाधिक नामांकन सुनिश्चित हो सके।
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