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Rewari News: दीक्षा पोर्टल पर अब हिंदी माध्यम में भी पढ़ सकेंगे विद्यार्थी, गणित-विज्ञान की पढ़ाई होगी आसान

Sat, 24 Oct 2026 11:12 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों के कक्षा नौवीं और दसवीं के विद्यार्थी दीक्षा पोर्टल पर गणित और विज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई हिंदी माध्यम में भी कर सकेंगे। हरियाणा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह पहल की है। इसके तहत दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध पर्सनलाइज्ड एडैप्टिव लर्निंग (पाल) कोर्स का लाभ हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी मिलेगा।
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इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कठिन विषयों की अवधारणाएं सरल भाषा में समझाना और उनकी सीखने की क्षमता को बेहतर बनाना है। अब तक अंग्रेजी माध्यम में डिजिटल सामग्री उपलब्ध होने के कारण कई विद्यार्थियों को गणित और विज्ञान के विषय समझने में परेशानी होती थी।
हिंदी माध्यम में पाठ्य सामग्री उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को अपनी भाषा में पढ़ने, समझने और अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध पाल कोर्स विद्यार्थियों को उनकी सीखने की जरूरत के अनुसार अध्ययन करने में मदद करता है।
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विद्यार्थी अपनी समझ और गति के अनुसार विषयों का अभ्यास कर सकेंगे। गणित के सूत्रों और सवालों को समझने के साथ विज्ञान की कठिन अवधारणाओं को स्पष्ट करने में भी यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। इसके माध्यम से विद्यार्थी कक्षा में पढ़ाए गए पाठों को दोहरा सकेंगे और परीक्षा की तैयारी भी बेहतर ढंग से कर सकेंगे।

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इस पहल से विशेष रूप से हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ यह कदम शिक्षा में भाषा संबंधी बाधाओं को कम करने में भी मदद करेगा। शिक्षक भी विद्यार्थियों को दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित कर सकेंगे।इस सुविधा से विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ अतिरिक्त अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। उम्मीद है कि हिंदी माध्यम में डिजिटल सामग्री उपलब्ध होने से विद्यार्थियों की विषयों के प्रति समझ मजबूत होगी और उनका शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

वर्जन
विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हिंदी माध्यम में पाल कोर्स उपलब्ध कराने की पहल की गई है, ताकि डिजिटल संसाधनों का लाभ अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंच सके।-राजेंद्र शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।
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