रेवाड़ी। साइबर सुरक्षा माह के तहत पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर थाने का शैक्षणिक भ्रमण कराया। इस दौरान विद्यार्थियों ने साइबर पुलिस की कार्यप्रणाली, तकनीकी उपकरणों और साइबर अपराधों की जांच प्रक्रिया की जानकारी ली।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपिका अग्रवाल ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के साथ सतर्कता जरूरी है, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही साइबर ठगी का कारण बन सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अनजान लोगों के साथ ओटीपी, सीवीवी, बैंक खाते की जानकारी और पासवर्ड साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखने की सलाह दी।
ऑनलाइन गेमिंग और चैटिंग के दौरान निजी जानकारी या तस्वीरें साझा नहीं करने और साइबर बुलिंग की स्थिति में अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करने के लिए भी प्रेरित किया।
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सीमा और उनकी टीम ने विद्यार्थियों को शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई की जानकारी दी। बताया कि साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करें या शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत से ठगी की राशि रुकवाने की संभावना बढ़ सकती है।