मानसून की आहट भर से शहर के सेक्टरवासियों की चिंता बढ़ गई है। कारण है सेक्टरों बरसाती पानी निकालने के लिए बनाई गई स्ट्रोम लाइन का बंद होना। तीन साल से सेक्टरवासियों की ओर से नप अधिकारी, प्रशासक रेवाड़ी एसडीएम व डीसी से लेकर सीएम विंडो पर शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं हो पाया है। ऐसे में इस बार भी यहां के लोगों को हल्की बरसात मात्र से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि स्ट्रोम लाइन को दुरुस्त करने का जो कार्य दो माह पहले पूरा हो जाना चाहिए थे, उसका दुरुस्त करने का इस्टीमेट अब बनाकर भेजा गया है। ऐसे में इस बार भी स्ट्रोम लाइन दुरुस्त होना मुश्किल है और इस बरसात में भी शहरवासियों के जलभराव से दो-चार होना पड़ेगा।
2016 में हुडा ने नप को किए थे सेक्टर ट्रांसफर
सेक्टर- 4 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2016 में हरियाणा विकास प्राधिकरण की ओर से नगर परिषद को शहर के तीनों सेक्टर ट्रांसफर किए गए थे। तब से ही समस्याएं बढ़ी हुई हैं। स्ट्रोम लाइन व अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर तीन जनवरी 2018 को नगर परिषद प्रशासक एसडीएम को वेलेफेयर एसोसिएशन की ओर से ज्ञापन दिया गया था। सात माह बीत चुके हैं, एक भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
26 जून को फिर से नप ईओ को शिकायत
मानसून आता देख व इससे होने वाली परेशानी से बचने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन नप ईओ मनोज यादव से मिली ओर सेक्टर की स्ट्रोम लाइन को चालू कराने व टूटे चेंबर को ठीक कराने की मांग की। लेकिन इस पर भी अभी तक कोई काम शुरु नहीं हो पाया है। सेक्टरवासियों का कहना है कि जलभराव से पानी खाली पार्कों में भर जाता है, इससे उनके घरों की नींव में पानी से जाने से नुकसान होने का खतरा बना रहता है।
नप अधिकारी नहीं करते सुनवाई: सचिव
सेक्टर- 4 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट अनिल यादव ने कहा कि नप अधिकारियों को एक बार नहीं कई बार शिकायत दी जा चुकी है। बावजूद इसके कोई समाधान नहीे होता है। नप प्रशासक को भी शिकायत दी गई, लेकिन समाधान कुछ भी नहीं हुआ। अब जल्द ही नव नियुक्त डीसी से मिलकर समाधान की मांग करेंगे।
बीते मानसून में झेनली पड़ी थी परेशानी: यादव
दयानंद यादव ने कहा कि हुडा के पास कुछ चीजें ठीक थी, अब सुनवाई बंद हो गई है। बीते मानसून में जलभराव से बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा था। सड़कें बदहाल हो गई थीं, बावजूद इसके अधिकारियों ने कोई सबक नहीं लिया। इस बार भी समाधान होता नहीं दिख रहा है।
खाली प्लॉटों में भर जाता है बरसाती पानी: अजीत
सेक्टर-4 निवासी अजीत सिंह ने कहा कि स्ट्रोम लाइन बंद होने से बरसाती पानी खाली प्लॉट व सडक़ों पर भरा रहता है। इससे घरों की नींव में पानी जाने से नुकसान का डर बना रहता है। बीते तीन साल से हालात ज्यादा खराब हैं।
जल्द किया जाए समाधान: रतन सिंह
स्ट्रोम लाइन मिट्टी में दब चुकी है, नप कर्मचारियों ने इसको ठीक नहीं किया। यदि समय पर ठीक की जाती तो इस मानसून में परेशानी से बच सकते थे। जिम्मेदारों के ढीले रवैये के चलते हालात बद्तर हैं।
सभी को समझनी होगी अपनी जिम्मेदारी: मनोज
सेक्टरवासी मनोज यादव ने कहा कि समय पर काम नहीं होने के चलते जलभराव की परेशानी उठानी पड़ेगी। प्रशासन के साथ सभी को अपनी जिम्मेदारी समझना जरूरी है ताकि इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े।
इस्टीमेट बनाया है, जल्द करेंगे दुरुस्त: ईओ
नप ईओ मनोज यादव ने कहा कि हुडा ने स्ट्रोम लाइन पर ध्यान नहीं दिया, इसके चलते ये लुप्त हो चुकी हैं। कुछ जगहों पर रैंप बनाने के चलते लाइन नीचे दब गई हैं। लाइन को दुरुस्त करने का इस्टीमेट बनाया है। जल्द ही दुरुस्त कराई जाएगी। उन्न्होंने कहा कि अगले मानसून में लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।