रेवाड़ी। जुलाई में रविवार को मानसून की तीसरी बारिश ने सेक्टर वासियों की चिंता को बढ़ा दिया है। नगर परिषद ने शहर के सेक्टर-4, 3 व एक की स्ट्रोम लाइन की एक साल से सफाई नहीं कराई, इसके चलते वो बंद पड़ी हैं।
दूूसरी ओर सीवर लाइन की सफाई नहीं होने से अधिकतर सीवर ओवरफ्लो हैं। इसका बड़ा कारण हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास बजट नहीं होना है। ऐसे में बारिश का पानी खाली प्लॉटों में भरने के बाद घरों की नींव में चले जाने से परेशानी बढ़ जाती है। क्योंकि स्ट्रोम लाइन को दुरुस्त करने का जो कार्य दो माह पहले पूरा हो जाना चाहिए था, उसको दुरुस्त करने का एस्टीमेट अब बनाकर भेजा गया है। ऐसे में इस बार भी स्ट्रोम लाइन दुरुस्त होना मुश्किल है। इस मानसून सीजन में भी शहरवासियों के जलभराव से दो-चार होना पड़ेगा।
2016 में हुडा ने नप को किए थे सेक्टर ट्रांसफर
सेक्टर- 4 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2016 में हरियाणा विकास प्राधिकरण की ओर से नगर परिषद को शहर के तीनों सेक्टर ट्रांसफर किए गए थे। तब से ही समस्याएं बढ़ी हुई हैं। स्ट्रोम लाइन व अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर तीन जनवरी 2018 को नगर परिषद प्रशासक एसडीएम को वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से ज्ञापन दिया गया था। इसके बाद कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। बीते पांच साल में 2020 को छोड़कर कभी भी स्ट्रोम लाइन को दुरुस्त नहीं किया गया।
आरडब्ल्यूए का दावा, नप नहीं करती सुनवाई
मानसून आता देख व इससे होने वाली परेशानी से बचने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधि नप ईओ मनोज यादव से मिले। उन्होंने सेक्टर की स्ट्रोम लाइन को चालू कराने व टूटे चेंबर को ठीक कराने की मांग की। लेकिन इस पर भी अभी तक कोई काम शुरू नहीं हो पाया है। सेक्टर वासियों का कहना है कि जलभराव से पानी खाली पार्कों में भर जाता है। इससे उनके घरों की नींव में पानी से जाने से नुकसान होने का खतरा बना रहता है।
नप अधिकारी नहीं करते सुनवाई : सचिव
सेक्टर-4 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट अनिल यादव ने कहा कि नप अधिकारियों को एक बार नहीं कई बार शिकायत दी जा चुकी है। बावजूद इसके कोई समाधान नहीं होता है। नप प्रशासक को भी शिकायत दी गई, लेकिन समाधान कुछ भी नहीं हुआ। बीते साल जरूर कुुछ काम किया था।
प्रेसिडेंट, सेक्टर-4 आरडब्ल्यूए अजय यादव ने कहा कि नगर परिषद अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। शिकायत देने के बाद भी समाधान नहीं हुआ है। इस साल स्ट्रोम लाइन की सफाई नहीं हुई। कुछ स्थानों से लाइन ही गायब है। ऐसे में किस तरह से पानी की निकासी होगी। कई बार अपने खर्चे पर सफाई करानी पड़ती है। इस बार तो सीवर भी ओवरफ्लो हैं। ऐसे में सेक्टरों के हालात को लेकर लोग चिंतित हैं।