रेवाड़ी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार देवान की कोर्ट ने नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से रुपये लेने के दोषी स्टेनोग्राफर को चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में उसे छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वह जयपुर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में तैनात है।
11 फरवरी 2017 में राजस्थान के जिला दौसा के गांव काटरवाड़ा तथा हाल बावल के मोहल्ला हसनपुर निवासी त्रिलोकचंद ने पुलिस को एक शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि गांव जलालपुर निवासी उसके दोस्त चितर सिंह अपने बेटे भारत का नौकरी पर लगवाना चाह रहा था। चितर सिंह ने उसे बताया कि जयपुर मंडल रेल प्रबंधक के कार्यालय में कार्यरत स्टेनोग्राफर जगदीश चौधरी रुपये लेकर सबकी नौकरी लगवाता है। इस पर त्रिलोकचंद जयपुर डीआरएम कार्यालय में जाकर जगदीश चौधरी से मिले तथा उसे बताया कि वह अपने दोस्त के बेटे भारत को रेलवे में नौकरी लगवाना चाहता है। इस पर जगदीश चौधरी ने कि वह भारत को रेलवे में गैंगमैन के तौर पर भर्ती करा देगा। इसके लिए चार लाख रुपये लगेंगे। रुपये देने की बात तय हो गई। इसके कुछ दिन के बाद त्रिलोकचंद को कई लोगों ने बताया कि स्टेनोग्राफर नौकरी लगाने के नाम पर कई लोगों को चूना लगा चुका है। इससे वह सतर्क हो गया। उसने बताया कि 11 फरवरी 2017 को उसके पास जगदीश चौधरी का फोन आया। इस दौरान उसने रेवाड़ी आने की बात कही। साथ ही यहीं पचास हजार रुपये नकद और साढ़े तीन लाख रुपये का चेक लेने की भी बात बताई। साथ ही जगदीश ने बताया कि वह गोकल गेट के पास मिलेगा।
त्रिलोकचंद ने बताया कि वह अपने दोस्त के बेटे को नौकरी नहीं लगवाना चाहता था और जगदीश चौधरी जैसे व्यक्ति को सबक सिखाना चाहता था। इसलिए उसने डीएसपी मोहम्मद जमाल से मुलाकात करके सारी बातें बताईं। इसके बाद उन्होंने उसे पकड़ने की सारी योजना बनाई। उन्होंने खोल के तत्कालीन बीडीपीओ राजेंद्र सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। त्रिलोक चंद ने बताया कि योजना के अनुसार जगदीश चौधरी को गोकल गेट पर बुलाया गया। इस दौरान जब त्रिलोकचंद ने जैसे ही उसे पचास हजार रुपये नकद दिए, टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार देवान की कोर्ट में सुनवाई चली। कोर्ट ने गवाही सुनने और सुबूतों के आधार पर जगदीश चौधरी को चार साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर पचास हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।