रेवाड़ी। सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों को टीका लगाने का अभियान चल रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 100 के करीब किशोरियों को ही वैक्सीन लगाई जा सकी है। परीक्षा के कारण अभियान की गति धीमी पड़ी है।
स्वास्थ्य विभाग ने 10 हजार किशोरियों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने का लक्ष्य तय किया है। अभी टीकाकरण अधिक ना होने का कारण किशोरियां का परीक्षा में व्यस्त होना बताया जा रहा है। परीक्षा के बाद ही टीकाकरण बढ़ने की उम्मीद है।
शुरूआत में यह वैक्सीन केवल नागरिक अस्पताल में ही उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन अब इसकी पहुंच बढ़ा दी गई है। विभाग ने टीकाकरण को तेज करने के लिए अब नागरिक अस्पताल के साथ-साथ जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और कोसली स्थित उप-मंडल अस्पताल में भी वैक्सीन लगवाने की सुविधा शुरू कर दी है।
टीकाकरण की धीमी गति का मुख्य कारण बीमारी और वैक्सीन के प्रति जागरूकता की कमी है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अभिभावकों के बीच अभी इसको लेकर पर्याप्त जानकारी नहीं पहुंच पाई है।
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एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं
सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि अभियान तीन महीने तक लगातार चलाया जाएगा। इस दौरान अधिक से अधिक पात्र किशोरियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद एचपीवी वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर दिया जाएगा। यह वैक्सीन मुख्य रूप से 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी, लेकिन अभी 15वां जन्मदिन न मनाने वाली किशोरियों को दी जा रही है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अब जागरूकता अभियान भी चला रहा है और अभिभावकों से अपील कर रहा है कि वे अपनी बेटियों को समय पर एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव किया जा सके।