रेवाड़ी। गलियों और मुख्य सड़कों पर लोगों को जागरूक करने के लिए दीवारों पर लिखा गया साथी रे हाथ से हाथ मिलाना, गली-मोहल्ले में गंदगी न फैलाना स्लोगन अब शहर की गंदगी के ढेर के बीच दब गया है। स्लोगन के ठीक नीचे बिखरा कचरा शहर की सफाई व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर पेश कर रहा है।
नगर परिषद ने शहर में 200 से अधिक कूड़ेदान पार्कों और मुख्य सड़कों पर लगाए हैं। इसका उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा बनाना है लेकिन ज्यादातर कूड़ेदान कचरे से लबालब भरे हुए हैं। लोग कचरा कूड़ेदान में न फेंककर उसके पास ही फेंक रहे हैं।
पिछले दिनों गीले और सूखे कचरे के लिए नए प्लास्टिक कूड़ेदान लगाए गए थे लेकिन इनकी देखरेख नहीं की जा रही। गढ़ी बोलनी रोड, दिल्ली रोड, ब्रास मार्केट, कोनसीवास रोड, सेक्टर बाईपास, बारा हजारी, नई आबादी और सरकुलर रोड सहित कॉलोनियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कूड़ेदान की जगह न होने से अनावश्यक कचरा प्वाइंट बन गए हैं।
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डंपिंग स्टेशनों पर गोवंश का जमावड़ा
शहर के कचरा डंपिंग स्टेशनों से समय पर कचरे का उठान नहीं हो पा रहा। मोहल्लों और कॉलोनियों का कचरा डंपिंग स्टेशन की सीमा से बाहर सड़क तक फैल रहा है। डंपिंग स्टेशनों के पास पूरे दिन गोवंश जमा रहता है और कचरा फैलाकर अव्यवस्था बढ़ाता है। अग्रसेन चौक, सरकुलर रोड, राव तुलाराम पार्क और एमआरएफ सेंटर के डंपिंग प्वाइंटों पर यह स्थिति नजर आती है। कचरा समय पर न उठने के कारण आसपास रहने वालों और राहगीरों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
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ठेकेदार की व्यवस्थाएं अधूरी
पांच साल के लिए 23.5 करोड़ रुपये में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का ठेका लेने वाले ठेकेदार ने अभी तक पर्याप्त वाहन और उपकरण नहीं लगाए। नगर परिषद ने एजेंसी को 60 दिन का समय दिया था जो 9 अप्रैल को पूरा हो जाएगा। ठेकेदार की व्यवस्थाएं अभी भी अधूरी हैं। इसके कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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बॉक्स
संसाधनों की कमी और कचरा उठान में देरी के कारण शहर में स्वच्छता अभियान फीका पड़ गया है। स्लोगनों के नीचे गंदगी के ढेर होने से जनता को जागरूक करना मुश्किल हो गया है। शहर की सफाई व्यवस्था सुधार की मांग कर रही है लेकिन लोगों को गंदगी और अव्यवस्था के बीच ही गुजरना पड़ रहा है।
देवकी नंदन, पूर्व पार्षद
शहर में कूड़े का ढेर देखना अब आम बात हो गई है। सुधार न के बराबर है। ऐसा सालों से देखने को मिल रहा है। कूड़े का उठान बहुत ही कम होता है। इसी वजह से समस्या हो रही है। नियमित कूड़े का उठान होगा तो सफाई ठीक से होगी। जब डंप लग जाता है तो हालात काफी खराब हो जाते हैं।
सूर्य प्रकाश, गोल चक्कर
वर्जन
शहर में जगह-जगह से कूड़ा उठान हो रहा है। जहां कूड़ा नहीं उठ रहा है वहां टीम भेजकर कूड़े को उठवा दिया जाएगा। शहर में सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए नगर परिषद लगातार कार्य कर रही है।
- अरुण नांदल, ईओ, नगर परिषद
रेवाड़ी। नाईवाली चौक के पास कूड़े के डस्टबिन के बाद पड़ा कूड़ा। संवाद
रेवाड़ी। नाईवाली चौक के पास कूड़े के डस्टबिन के बाद पड़ा कूड़ा। संवाद
रेवाड़ी। नाईवाली चौक के पास कूड़े के डस्टबिन के बाद पड़ा कूड़ा। संवाद
रेवाड़ी। नाईवाली चौक के पास कूड़े के डस्टबिन के बाद पड़ा कूड़ा। संवाद
रेवाड़ी। नाईवाली चौक के पास कूड़े के डस्टबिन के बाद पड़ा कूड़ा। संवाद