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Rewari News: आस्ट्रेलिया में बालेश को सजा मिलने के बाद गांव में सन्नाटा

Mon, 10 Mar 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रेवाड़ी। कोरियन मूल की पांच महिलाओं का यौन उत्पीड़न करने के मामले में बालेश धनखड़ को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 40 साल कैद की सजा सुनाए जाने के बाद उसके गांव सांजरपुर में सन्नाटा पसरा है। घटना के बारे में कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। वहीं पूरा परिवार घटना से शर्मिंदा है।
बालेश धनखड़ (43) मूल रूप से सांजरपुर गांव का निवासी है। उसके पिता एयरफोर्स से रिटायर्ड होने के बाद दिल्ली शिक्षा विभाग में अधिकारी रहे। बालेश का एक भाई रेवाड़ी में राधास्वामी कॉलोनी में रहता है और किसी कंपनी में कार्यरत है। 2006 में बालेश स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया गया था। पढ़ाई के बाद उसने वहां की, एबीसी ब्रिटिश अमेरिका टोबेको, सिडनी ट्रेन्स के अलावा कई बड़ी कंपनियों में डेटा विजुलाइजेशन एडवाइजर के तौर पर काम किया। वह ऑस्ट्रेलिया में रहने लगा। भारतीय लड़की से शादी के बाद वह पत्नी को भी साथ ले गया। बालेश के पिता का समाज में काफी रसूख है और वह कुछ वर्ष से सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय हैं। शनिवार को घटना की जानकारी होने के बाद से वह दुखी हैं।
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धनखड़ परिवार घर के पास ही एक प्ले स्कूल चलाता है। कई वर्ष से बालेश घर नहीं आया। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। पड़ोस के लोगों को पता था कि बालेश के बड़े लोगों से संबंध हैं। अब बालेश की सजा को लेकर लोग दबी जुबान से चर्चा कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों ने चुप्पी साध ली है। बालेश की गली में सन्नाटा पसरा हुआ है। कोरियन महिलाओं का यौन उत्पीड़न के मामले में बालेश को 40 साल कैद की सजा सुनाई गई है। 2018 में बालेश को गिरफ्तार किया गया था।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला...बालेश कोरियाई सिनेमा का था दीवान

सिडनी कोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला कि बालेश धनखड़ कोरियाई सिनेमा का दीवाना था। इसलिए वह कोरियन मूल की महिलाओं के प्रति आकर्षित हो गया। इसके बाद उसने कोरियन युवतियों को फंसाने की साजिश रची। उसने एशिया पार्टनरशिप के नाम से फर्जी कंपनी खोली। इसके बाद 2017 में ई-कॉमर्स वेबसाइट गमट्री पर कोरियन से इंग्लिश ट्रांसलेटर की जॉब का फर्जी विज्ञापन दिया। उसके पास नौकरी की तलाश कर रहीं कोरियाई महिलाओं ने आवेदन किए। बालेश ने उन्हें इंटरव्यू के बहाने बुलाना शुरू किया। उसके टारगेट पर अकेली, काम की तलाश करने वाली और सिडनी में नई आई कोरियन महिलाएं थीं। जब कोई कोरियन युवती इंटरव्यू के लिए आती तो वह उसे होटल हिल्टन कैफे में बुलाता था। इस दौरान वह डिनर, सोजू (वाइन) का ऑफर देता था। ओपेरा हाउस का नजारा दिखाने का वादा करता था। इससे युवती उसके झांसे में आ जाती। उसे वर्ल्ड स्क्वायर टावर में अपने अपार्टमेंट में ले जाने का बहाना बनाता था। धनखड़ कहता था कि उसकी कार की चाबियां अपार्टमेंट में हैं। चाबियां लेने के लिए युवतियों को अपने अपार्टमेंट तक ले जाता। फिर उन्हें शराब या आइसक्रीम ऑफर करता था, जिसमें नशीले पदार्थ होते थे। आइसक्रीम खाते ही युवतियां बेहोश हो जातीं। फिर धनखड़ उनके साथ बेहोशी की हालत में ही यौन उत्पीड़न करता था। इस दौरान हिडन कैमरे से उनका वीडियो भी बनाता था।

मामले का ऐसे हुआ था खुलासा

पा में से एक कोरियन युवती को बेहोश कर जब बालेश यौन उत्पीड़न कर रहा था तो उसे होश आ गया। उसने बाथरूम में छिपकर सहेली को मैसेज कर दिया। उस वक्त यह महिला धनखड़ के वर्ल्ड स्क्वायर टावर स्थित अपार्टमेंट में थी। इस दौरान धनखड़ युवती को अपने लिविंग रूम की तरफ घसीट रहा था और उसके साथ जबरदस्ती डांस करने की कोशिश कर रहा था। यहां से जैसे-तैसे छूटकर युवती सिडनी पुलिस के पास गई। उसकी शिकायत पर 21 अक्तूबर 2018 को धनखड़ को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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जो फंसती नजर आईं, उनके आगे बेस फोर लिखा
बालेश को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उसके अपार्टमेंट में जांच की। वहां उसके कंप्यूटर से 47 वीडियो मिले, जिन्हें एक फोल्डर में रखा गया था। जिन कोरियन युवतियों का उसने यौन उत्पीड़न किया था, उनके नाम से फोल्डर बनाकर यौन उत्पीड़न रेप वाले वीडियो रखे हुए थे। इन वीडियो की लेंथ 95 मिनट तक की थी। उसके कंप्यूटर के ब्राउजर में बुकमार्क की गई एक सीरीज मिली, जिसे उसने ‘स्मॉल ड्रग्ड कोरियन वेबकैम रोल प्ले’ का टाइटल दिया था। इसमें भी यौन उत्पीड़न के वीडियो रखे हुए थे। जांच में पता चला कि उसने बैडसाइड में अलार्म घड़ी रखी थी, जिसमें हिडन कैमरा लगाकर वीडियो बनाई थी। इसके अलावा कुछ वीडियो उसने खुद भी मोबाइल से शूट किए थे। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब वीडियो देखे गए तो वहां मौजूद ज्यूरी भी इन्हें पूरी नहीं देख पाई थी। पुलिस को उसके पास एक स्प्रैडशीट भी मिली, जिसमें उसने कोड लिखे हुए थे। जिन्होंने गुस्सा किया, उन्हें आगे चेज करना छोड़ दिया। जो फंसती नजर आईं, उनके आगे बेस फोर लिखा हुआ था।
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