फोटो : 6गांव जैनाबाद में खाद लेने पहुंचे किसान। स्रोत : ग्रामीण
कुंड। गांव जैनाबाद में इन दिनों किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समिति हो या निजी खाद विक्रेता, दोनों ही स्थानों पर डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है।
बारिश का मौसम चल रहा है और बाजरे जैसी खरीफ की फसलों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यूरिया खाद का समय पर न मिलना किसानों के लिए बेहद गंभीर समस्या बन गया है।
बाजरे की फसल बढ़ रही है और इस अवस्था में इसे पोषण देने के लिए यूरिया खाद की आवश्यकता होती है। खाद के अभाव में किसान अपने कामकाज छोड़कर सोसाइटी और दुकानों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इससे किसानों में रोष है।
किसान गामा राम ने बताया कि अगर यूरिया खाद समय पर नहीं मिली तो फसल की बढ़वार रुक जाएगी और उत्पादन में भारी गिरावट आएगी। किसानों की मेहनत तब रंग लाती है जब समय पर संसाधन मिलें, लेकिन हर साल यही समस्या झेलनी पड़ रही है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न : अमन शर्मा ने कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ है। जब यही अन्नदाता परेशान हो तो यह पूरे तंत्र के लिए चेतावनी है। हमारे गांव में हर साल डीएपी और यूरिया खाद की कमी सामने आती है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न है। जरूरी है कि खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसान को अपनी फसल के लिए बार-बार संघर्ष न करना पड़े।