रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में बारिश के पानी से जलभराव होने के मामले में उपायुक्त अभिषेक मीणा ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा है कि अस्पताल में बारिश में जलभराव से कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अस्पताल में स्थापित पैनल को जल्द से जल्द शिफ्ट करवाएं, जब तक यह शिफ्ट न हो, इसके लिए उचित प्रबंध करना सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा अस्पताल में निर्बाध पावर सप्लाई के लिए अतिरिक्त बैकअप का भी प्रबंध जरूरी है।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नागरिक अस्पताल में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए एक डीजी सेट अलग से लगवा दिया गया है। उपायुक्त ने जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह बारिश में स्वयं मॉनिटरिंग करते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों में व्यापक प्रबंध करवाना सुनिश्चित करें ताकि आमजन को कोई असुविधा न हो।
सोमवार को अस्पताल में भर गया था पानी
सोमवार शाम 6 बजे आई तेज बारिश से नागरिक अस्पताल के गायनी वार्ड समेत कई जगह एक फीट तक पानी भर गया था। बिजली पैनल में पानी घुसने से शाम को 7 बजे बिजली सप्लाई भी बंद हो गई। ऐसे में अस्पताल में अंधेरा छा गया था। ज्यादा समस्या एसएनसीयू वार्ड में रही। बच्चों की हालत नहीं बिगड़े आनन-फानन में 7 नवजात शिशुओं को निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एडीसी और एसडीएम भी देर रात मौके पर पहुंचे थे।
हर बार भर जाता है पानी
बारिश के दौरान नागरिक अस्पताल में पानी भरने की यह समस्या इस बार कि नहीं बल्कि कई सालों से चली आ रही है। अस्पताल परिसर के साथ ही अस्पताल के बाहर भी दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है। वहां से पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी समस्या होने के बावजूद स्थायी समाधान की तरफ क्यों ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अभी बारिश की शुरुआत है ऐसे में अभी आगे और भी समस्या बन सकती है।
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बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
आपदा प्रबंधन के तहत विभागवार कार्य योजना तैयार की गई है। जिला में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है इसके लिए 18001801530 टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर नागरिक बाढ़ संबंधी स्थिति में सूचना दे सकता है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे निरंतर निगरानी करें और बाढ़ स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रशासन को सूचित करें।