रेवाड़ी। जिला नागरिक अस्पताल में कई ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ी हैं जिनके लिए मरीजों को गुरुग्राम, रोहतक या दिल्ली जाना पड़ता था। आईसीयू, कैंसर डे-केयर सेंटर और नी-हिप रिप्लेसमेंट की सेवाएं शुरू हुईं है जिससे मरीजों को राहत मिली है। वहीं विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से ओपीडी दोगुनी हो गई है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 2000 से 2500 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. इंद्रजीत यादव ने बताया कि अस्पताल में हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और आईसीयू स्थापित किए गए हैं। एनआईसी बाढ़सा के सेटेलाइट सेंटर के रूप में डे-केयर कैंसर सेंटर शुरू होने से अब कैंसर मरीजों को स्थानीय स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा मिल रही है।
पहली बार नी रिप्लेसमेंट और हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी भी शुरू की गई है। ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे एक्स-रे, आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन और डिजिटल एक्स-रे प्रणाली उपलब्ध कराई गई है। वहीं, टेली-ईसीजी सुविधा के माध्यम से हृदय रोगियों को कुछ ही मिनटों में विशेषज्ञों की राय मिल रही है।
सरकार ने जिला नागरिक अस्पताल को 300 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करने की घोषणा की है। प्रस्तावित परियोजना के तहत आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, विस्तृत आईसीयू, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं, सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं, मैमोग्राफी सुविधा तथा अस्पताल के सुंदरीकरण सहित कई विकास कार्य किए जाएंगे।
130 से अधिक जांचें शुरू की गईं
अस्पताल में डिस्ट्रिक्ट इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्थापना कर 130 से अधिक जांचें शुरू की गई हैं। महिलाओं के लिए स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार क्लीनिक और सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए एलबीसी मशीन भी उपलब्ध कराई गई है। लंबे समय से बंद पड़ी लिथोट्रिप्सी मशीन को दोबारा शुरू कर पथरी के मरीजों को राहत दी गई है। इसके अलावा अस्पताल को डीएनबी (ईएनटी) की दो सीटों की स्वीकृति भी मिली है।
छह महीनों में 37 लोगों के घुटने का किया प्रत्यारोपण
नागरिक अस्पताल में पिछले छह महीनों के दौरान ऑर्थोपेडिक सेवाएं सुधरी हैं। इस अवधि में कुल 37 घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) सर्जरी की गईं, जिनमें 34 आयुष्मान भारत योजना और तीन गैर-आयुष्मान मरीजों की थीं। इसके अलावा चार हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क की गईं। वहीं छह बाइपोलर रिप्लेसमेंट सर्जरी भी सफलतापूर्वक की गईं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार स्थानीय स्तर पर ही मिल सका।
अस्पताल में तैनात विशेषज्ञ डॉक्टर
वर्तमान में अस्पताल में 4 ऑर्थोपेडिक सर्जन, 5 नेत्र रोग विशेषज्ञ, 3 ईएनटी विशेषज्ञ, 2 स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, 3 शिशु रोग विशेषज्ञ, 3 मेडिसिन विशेषज्ञ, 5 एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, 3 बायोकेमिस्ट्री विशेषज्ञ, 2 रेस्पिरेटरी मेडिसिन विशेषज्ञ, 1 फैमिली मेडिसिन विशेषज्ञ, 2 कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ, 2 जनरल सर्जन, 1 मनोचिकित्सक, 1 माइक्रोबायोलॉजिस्ट, 1 फार्माकोलॉजी विशेषज्ञ, 1 अस्पताल एडमिनिस्ट्रेशन विशेषज्ञ, 2 डेंटल विशेषज्ञ तथा 1 होम्योपैथी विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इससे अधिकांश विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं अब जिले में ही उपलब्ध हो रही हैं।
वर्जन
अस्पताल में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। आने वाले समय में 300 बेड अस्पताल बनने के बाद जिले के मरीजों को और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेंगी।-डॉ. सुरेंद्र यादव, प्रधान चिकित्सा अधिकारी